ब्रेकिंग न्यूज़ की परिभाषा क्या है?

दिन-रात चलने वाले टीवी चैनल और सोशल मीडिया के दौर में पल पल बदलने वाली हर ख़बर को क्या ब्रेकिंग न्यूज़ कहा जा सकता है? बीबीसी हिन्दी के रेडियो एडिटर राजेश जोशी बता रहे हैं कि कौन सी ख़बर को ब्रेकिंग न्यूज़ की तरह पेश किया जाए और किसे नहीं.

किसी भी पत्रकार पर ये दबाव रहता है कि वो हर पल आ रही ख़बरों में से किसे वरीयता दे और किसे नहीं. कौन सी ख़बर ब्रेकिंग न्यूज़ है और कौन सी नहीं. ख़बरों को उनके महत्व के हिसाब से वरीयता देना अनुभव के साथ सीखा जा सकता है. कोई ख़बर सिर्फ़ इसलिए ब्रेकिंग न्यूज़ नहीं हो सकती कि बहुत सारे टीवी चैनल उसे प्रसारित कर रहे हैं या सोशल मीडिया पर वो ख़बर ट्रेंड कर रही है. लेकिन सोशल मीडिया के इस दौर में अगर किसी विषय पर ढेर सारे लोग बात कर रहे हैं तो उसे नज़रअंदाज़ भी नहीं किया जा सकता. ब्रेकिंग न्यूज़ और सोशल मीडिया के दौर में पत्रकारिता के विषय में बता रहे हैं बीबीसी हिन्दी के रेडियो एडिटर राजेश जोशी. 

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