बुधवार, 31 दिसंबर, 2008 को 05:55 GMT तक के समाचार
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के घर पर एक पत्र आया है जिसमें उनसे 50 लाख रूपए की माँग की गई है.
मंगलवार को डाक के ज़रिए उनके रांची स्थित घर के पते पर एक पत्र आया जिसमें कहा गया है कि 50 लाख रुपए एक निश्चित स्थान पर छोड़ दिए जाएँ.
धोनी के परिवार वालों ने इस पत्र को पुलिस के हवाले कर दिया है. पत्र भेजने वाले का नाम तस्लीम बताया गया है.
बीबीसी संवावददाता सलमान रावी के अनुसार तस्लीम नाम का एक व्यक्ति कुख्यात स्थानीय अपराधी रहा है लेकिन इन दिनों उसकी गतिविधियों के बारे में पुलिस को कोई ख़बर नहीं है.
राँची के सिटी पुलिस प्रमुख रिचर्ड लकड़ा का कहना है कि वो मामले की जाँच कर रहे हैं. उनका कहना है, "राँची की पुलिस इस पत्र की सत्यता और इससे जुड़े तमाम पहलुओं की जाँच कर रही है."
'शरारत भी हो सकती है'
लकड़ा के अनुसार "जिन परिस्थितियों में ये पत्र मिला है और जिस व्यक्ति के नाम से ये पत्र आया है, उसे देखते हुए शरारत से भी इनकार नहीं किया जा सकता है."
पत्र में रक़म को राँची के मुहल्ले डोरंडा में एक फ़र्नीचर की दुकान पर देने की बात कही गई है इसलिए पुलिस को शक़ है कि कोई फ़र्नीचर दुकानदार को फंसाने के लिए भी ऐसा पत्र धोनी के घर भेज सकता है.
इस बीच महेंद्र सिंह धोनी ने बुधवार दोपहर राँची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संपत मीणा से मिलकर अपनी सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत करने की माँग की.
बहरहाल, इस पूरे घटनाक्रम के बाद धोनी की सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई है. कहा जा रहा है कि जब धोनी झारखंड आएंगे तो उन्हें 'ज़ेड श्रेणी' की सुरक्षा मुहैया करा दी जाएगी.
सरकार पहले ही धोनी को 'ज़ेड श्रेणी' सुरक्षा देने का फ़ैसला कर चुकी है लेकिन उनको ये सुरक्षा अब तक नहीं दी जा सकी है.
राज्य के मुख्यंत्री शिबू सोरेन ने भी ने धोनी की बेहतर सुरक्षा के लिए पुलिस को आदेश दिए हैं.
ग़ौरतलब है कि पिछले दोनों धोनी अपनी लचर सुरक्षा व्यवस्था से नाराज़ हो कर सुरक्षाकर्मियों के चकमा देकर अकले ही एयरपोर्ट चले गए थे.