बुधवार, 19 नवंबर, 2008 को 07:38 GMT तक के समाचार
पूर्व बॉक्सिंग हैवीवेट चैंपियन, 46 साल के इवेंडर होलीफ़ील्ड एक बार फिर रिंग में उतर रहे हैं.
जिस उम्र में खेल जगत के अधिकतर सितारे अपने बीते वैभव की यादों के सहारे जीते हैं, उस उम्र में होलीफ़ील्ड दोबारा ख़ून और पसीना बहाने के लिए बेक़रार हैं.
20 दिसंबर को स्विटज़रलैंड के शहर ज़्यूरिख़ में उनके सामने होंगे रुस के डब्ल्यूबीए चैंपियन निकोलाई वेलुएव.
इवेंडर होलीफ़ील्ड का लक्ष्य है सबसे उम्रदराज़ हैवीवेट चैंपियन बनना.
उन्होंने कहा है कि वो केवल जीत के लिए नहीं खेल रहे बल्कि वो एक निर्विवाद चैंपियन बनना चाहते हैं.
रिकॉर्ड पर नज़र
अपनी इस बढ़ती उम्र को लेकर होलीफ़ील्ड कोई ख़ास चिंतित नहीं दिखे. उन्होंने कहा कि लोग उनकी उम्र को मुद्दा बना रहे हैं लेकिन वो रिंग में उतरने के लिए बिल्कुल तैयार हैं.
हांलाकि उन्होंने ये ज़रुर कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वो 46 साल की उम्र में भी एक बॉक्सर के तौर सक्रिय रहेंगे. होलीफ़ील्ड ने कहा कि उन्हें लगता था कि वो 34 साल की उम्र तक ही बॉक्सिंग कर पायेंगे.
करीब साल भर पहले सुल्तान इब्रागिनॉव से हारने के बाद, उनका ये पहला मैच होगा.
होलीफ़ील्ड ने कहा है कि उन्होंने अपना ख़्याल रखा है और अगर वो लड़ने की स्थिति में नहीं होते, तो नहीं लड़ते.
वैसे इससे पहले भी 1994 में अमेरिकी बॉक्सर जॉर्ज फ़ोरमैन 45 साल की उम्र में माइकल मूरर को हराकर आईबीएफ़ और डब्ल्यूबीए का ख़िताब अपने नाम कर चुके हैं.
इवेंडर होलीफ़ील्ड की निगाह इस रिकॉर्ड पर है.
लेकिन रुस के निकोलाई वेलुएव के साथ 20 दिसंबर को ज़्यूरिख़ मे इवेंडर होलीफ़ील्ड के लिए मुक़ाबला इतना आसान नहीं होने वाला है.
वेलुएव होलीफ़ील्ड से 100 पाउंड यानी 45.5 किलोग्राम भारी हैं और सात फुट लंबे.
पैंतीस साल के वेलुएव, अब तक खेले 50 मैंचों में सिर्फ़ एक बार हारे हैं और 34 बार उन्होंने अपने विरोधी को नॉकऑउट किया है.