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मौक़ा चूक गए विजेंदर कुमार
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भारत के मुक्केबाज़ विजेंदर कुमार के लिए बीजिंग ओलंपिक यादगार ज़रूर रहा लेकिन इन सबके बीच वे एक मौक़ा चूक गए. मौक़ा था महान
मुक्केबाज़ इवैंडर होलीफ़ील्ड से मिलने का.
विजेंदर कुमार ने मुक्केबाज़ी में कांस्य पदक जीता. सेमी फ़ाइनल मुक़ाबला हारने के बाद जब विजेंदर वहाँ से चले गए तो उनसे मिलने होलीफ़ील्ड पहुँचे. लेकिन विजेंदर तो वहाँ से निकल चुके थे. विजेंदर ने बताया, "सेमी फ़ाइनल मैच हारने के बाद मैं वहाँ से निकल गया था. उसके बाद होलीफ़ील्ड मुझसे मिलने पहुँचे. उन्होंने मेरी प्रशंसा की जो मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है." विजेंदर सेमी फ़ाइनल मैच तो हार गए लेकिन उन्हें कांस्य पदक ज़रूर मिला. मौजूदगी पूर्व विश्व हैविवेट चैम्पियन होलीफ़ील्ड को बैंटमवेट वर्ग के मुक़ाबले में अखिल कुमार के मैच के दौरान भी देखा गया था. होलीफ़ील्ड इस समय अमरीका में पेशेवर मुक्केबाज़ों की नियुक्ति करते हैं.
लेकिन विजेंदर ने स्पष्ट कर दिया है कि पेशेवर बनने का उनका फ़िलहाल कोई इरादा नहीं है. उन्होंने कहा, "कुछ दिन पहले मैंने इस पर विचार ज़रूर किया था लेकिन अब मेरी इसमें कोई रुचि नहीं है. पेशेवर मुक्केबाज़ बनने की मेरी कोई इच्छा नहीं है." ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले विजेंदर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुक़ाबलों में फ़िट रहने के लिए वे राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कम ही हिस्सा ले पाएँगे. |
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