मंगलवार, 26 अगस्त, 2008 को 06:52 GMT तक के समाचार
नितिन श्रीवास्तव
बीबीसी संवाददाता
बीजिंग में हो रहे ओलंपिक खेल ख़त्म हुए और अब दुनिया भर की निगाहें हैं अमेरिका के न्यूयॉर्क के फ्लशिंग मीडोव्स के ऐतिहासिक टेनिस कोर्ट पर.
साल का आख़िरी ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट- यूएस ओपन सोमवार से शुरू हुआ.
और हर किसी की ज़ुबान पर है एक ही सवाल कि इस बार कौन मारेगा बाज़ी- पूर्व विश्व नम्बर एक रॉजर फ़ेडरर या नए विश्व नम्बर एक राफ़ेल नडाल?
इस साल हुए पुरुषों के मुक़ाबलों में इन्हीं के बीच घमासान मचा रहा और अब बाज़ी निर्णायक मोड़ पहुँच चुकी है.
हालाँकि साल के पहले ग्रैंडस्लैम यानी ऑस्ट्रेलियन ओपन में तो सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने बाज़ी मार ली थी. यह उनका पहला ग्रैंडस्लैम था.
लेकिन फिर फ्रेंच ओपन और विम्बलडन चैंपियनशिप में खिताबी भिडंत रही फ़ेडरर और नडाल के बीच लेकिन दोनों बार ख़िताब ले उड़े राफेल नडाल.
लेकिन अब यूएस ओपन शुरु हो चुका है.
शुरुआत में दूसरी वरियता प्राप्त रॉजर फ़ेडरर ने कहा, "राफ़ेल अब वही दबाव महसूस करेंगे जो मैंने एक लंबे समय तक विश्व नंबर एक रह कर किया. हालांकि अभी तक उन्होंने इस दबाव को समझदारी से सँभालते हुए हर कोर्ट पर अच्छा ही खेल दिखाया है."
लेकिन नडाल अपनी तरफ़ से ज़रा भी ढिलाई नहीं बरत रहे हैं और उनका कहना है कि "मेरा लक्ष्य अभी भी वही है जो तब था जब मैं दुनिया का दूसरा सबसे अच्छा खिलाड़ी था और मेरा उद्देश्य अभी भी अच्छा टेनिस खेल कर यूएस ओपन जीतना ही है."
महिलाओं का ख़िताब
ख़ैर ये तो रही पुरुषों के मुक़ाबले में बादशाहत की जंग की बात.
अब रुख़ करते हैं महिला मुकाबलों की ओर जहाँ प्रतिस्पर्धा का दायरा थोड़ा ज़्यादा खुला मालूम पड़ता है.
वो इसलिए कि पिछले साल की विजेता जस्टिन हेना अब टेनिस को कह चुकी हैं अलविदा जबकि रूस की मारिया शारापोवा अपनी चोट के चलते टूर्नामेंट में हिस्सा नही ले रहीं हैं.
दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी आना इवानोविक अपने दाएँ हाथ के अंगूठे की चोट से उबर कर खेलने आ पहुँची हैं और ख़िताब की प्रबल दावेदार सर्बिया की ही जेलेना जांकोविच को भी माना जा रहा है.
हो सकता है कि टूर्नामेंट में कुछ बड़े उलटफेर हों, कुछ नई प्रतिस्पर्धी उभर कर आएँ और कुछ नए रिकॉर्ड बनें....लेकिंग टेनिस के हर चाहने वाले के मन में यही सवाल रहेगा की आख़िरी बाज़ी किसके हाथ आयेगी?
किंग फ़ेडरर या फिर प्रिंस नडाल?