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रविवार, 24 अगस्त, 2008 को 09:01 GMT तक के समाचार

तीसरा वनडे 33 रन से जीता भारत

भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में हुए तीसरे वनडे मैच में भारत ने श्रीलंका को 33 रनों से हरा दिया है.

श्रीलंका के सात विकेट 96 रन पर ही गिर गए थे लेकिन इसके बाद कप्तान महेला जयवर्धने ने तिलकरत्ने और थिलान तुषारा के साथ ज़बर्दस्त साझेदारी की लेकिन श्रीलंका को जीत नहीं दिला सके.

भारत की ओर से ज़हीर खान और मुनाफ पटेल ने तीन-तीन विकेट लिए.

पांच मैचों की शृंखला में अब भारत 2-1 से आगे हो गया है.

पहले बल्ल्बाज़ी करते हुए भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में नौ विकेट के नुकसान पर 237 रन बनाए थे. भारत की ओर से कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने सर्वाधिक 76, सुरेश रैना ने 53 और रोहित शर्मा ने 32 रनों का योगदान दिया.

लेकिन 238 रनों के इस लक्ष्य को हासिल करने में भी श्रीलंका विफल रहा. श्रीलंका की टीम 204 रन ही बना पाई.

जयवर्धने ने सर्वाधिक 94 रन बनाए जबकि तुषारा ने 16 रन बनाए लेकिन जयवर्धने के साथ उन्होंने लंबी साझेदारी निभाई.

भारतीय पारी के जबाव में श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही लेकिन सात विकेट के बाद जयवर्धने और तुषारा ने 81 रनों की साझेदारी कर के श्रीलंका को मज़बूत स्थिति में ला खड़ा किया लेकिन जयवर्धने के आउट होने के बाद टीम बिखर गई.

श्रीलंका की पारी की शुरुआत जयसूर्या और संगकारा ने की लेकिन पाँचवे ओवर में ही प्रवीण कुमार ने सलामी बल्लेबाज़ जयसूर्या का विकेट कुल 13 के निजी स्कोर पर चटका दिया. अगले ही ओवर में संगकारा भी चलते बने. उन्हें नौ के स्कोर पर ज़हीर खान ने आउट किया.

नौवें ओवर में प्रवीण कुमार ने श्रीलंका का तीसरा विकेट चटक लिया. अभी श्रीलंका इन झटकों से उभरा भी नहीं था कि ज़हीर खान ने चमारा सिल्वा को मात्र एक रन पर एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया. उस समय श्रीलंका का स्कोर था चार विकेट पर 40 रन.

इसके बाद तो जैसे श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बल्ले से रन निकलने ही बंद हो गए. 17वें ओवर में दिलशान 16 रन बनाकर मुनाफ़ पटेल की गेंद का शिकार बने और फिर अगले ही ओवर में वास का विकेट हरभजन सिंह ने लिया. वास अपना खाता भी नहीं खोल पाए. इस समय (18वां ओवर) श्रीलंका का स्कोर था छह विकेट पर 59 रन. इस सबके बीच जयवर्धने क्रीज़ पर टिके तो ज़रूर थे लेकिन रन गति बढ़ाने में बहुत ज़्यादा योगदान नहीं कर पाए.

27वें ओवर में सातवां विकेट युवराज सिंह ने कालसेखरा के रूप में लिया. उन्होंने 11 रन बनाए. सातवां विकेट गिरते समय श्रीलंका ने केवल 94 रन ही बनाए थे.

भारतीय पारी

.इससे पहले भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया और उसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही.

सलामी बल्लेबाज़ गौतम गंभीर और विराट कोहली जमते नज़र आ रहे थे लेकिन जल्द ही एक के बाद आउट हो गए.

विराट कोहली 25 रन बनाकर रन आउट हुए जबकि गौतम गंभीर आठ रन बनाकर कुलसेकरा की गेंद पर पगबाधा क़रार दिए गए.

युवराज सिंह को कुलसेकरा ने महेला जयवर्धने का हाथों कैच आउट करा दिया, उन्होंने 12 रन बनाए थे.

बद्रीनाथ को मेंडिस ने वास के हाथों कैच करवा दिया, उन्होंने आठ ही रन बनाए थे. इस बीच रैना मैदान पर टिके हुए थे. उन्होंने चार चौकों और एक छक्के की मदद से 53 रन बनाए पर दुर्भाग्यपूर्ण रहे और रन आउट हो गए.

उस समय भारत का स्कोर था पाँच विकेट पर 145 रन. भारत की डोलती नैया को संभालने का काम किया कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने और उनका साथ निभाया रोहित शर्मा.

दोनों ने धैर्य से खेला और भारत को 200 रन के आँकड़े के पार ले गए. रोहित शर्मा 32 रन बनाकर तुषारा की गेंद का शिकार हुए. 49वें ओवर में भारत के दो विकेट गिर गए-हरभजन सिंह और महेंद्र सिंह धोनी. दोनों विकेट मेंडिंस ने लिए.

धोनी ने आठ चौकों की मदद से 80 गेदों में 76 रन बनाए. इस तरह भारत ने 50 ओवरों में नौ विकेट के नुकसान पर 237 रन बनाए. श्रीलंका की ओर से मेंडिस ने तीन विकेट लिए.

भारतीय टीम:

महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), गौतम गंभीर, विराट कोहली, सुरेश रैना, युवराज सिंह, रोहित शर्मा, एस बद्रीनाथ, हरभजन सिंह, ज़हीर ख़ान, प्रवीण कुमार और मुनाफ़ पटेल.