शनिवार, 16 अगस्त, 2008 को 17:10 GMT तक के समाचार
बीजिंग ओलंपिक में भारत के तीन मुक्केबाज़ पदक पाने की दहलीज़ पर पहुँच गए हैं. अखिल के बाद शनिवार को जीतेंदर और विजेंदर ने जीत दर्ज की.
अखिल कुमार शुक्रवार को क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचे थे तो उनसे प्रेरणा लेते हुए शनिवार को जीतेंदर कुमार और विजेंदर कुमार ने घूँसों की बरसात करते हुए अपने प्रतिद्वंद्वियों के छक्के छुड़ा दिए.
ये तीनों ही क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचे हैं और अगला मुक़ाबला जीतने की स्थिति में ये सेमीफ़ाइनल में पहुँच जाएंगे. सेमीफ़ाइनल में पहुँचने पर कम से काँस्य पदक तो पक्का हो जाएगा.
जीतेंदर ने 51 किलोग्राम वर्ग में उजबेकिस्तान के तुलाषबोय दोनियोरोव की बुरी तरह धुलाई करते हुए 13-6 से जीत हासिल की, वहीं विजेंदर ने 75 किलोग्राम वर्ग वर्ग में थाइलैंड के अंगखान चोंम्फूफुआंग को 13-3 से पस्त कर दिया.
विजेंदर ने थाई मुक्केबाज़ की इस क़दर धुनाई की कि वह मुक़ाबले में पानी भरता नज़र आया. विजेंदर ने पूरी तरह एकतरफ़ा अंदाज़ में जीत हासिल की.
शानदार प्रदर्शन
विजेंदर ने पहला राउंड 2-0, दूसरा राउंड 4-1, तीसरा राउंड 4-0 और चौथा राउंड 3-2 से जीता. इस तरह विजेंदर ने 13-3 से शानदार जीत हासिल की.
चौथा राउंड जैसे ही ख़त्म हुआ भारतीय कोच जीएस संधू ने अपने इस जांबाज मुक्केबाज़ को गले लगा लिया और विजेंदर ने जीत की खुशी में अपने पंच हवा में लहरा दिए.
जीतेंदर भी शुरु से अपने उज़्बेक प्रतिद्वंद्वी पर हावी रहे. पहले राउंड में उन्होंने 4-1 की बढ़त बनाने के बाद दूसरे राउंड में मुक़ाबला अंक बचाने का रहा. हालाँकि जीतेंदर एक अंक और जोड़ने में कामयाब रहे.
तीसरे राउंड में जीतेंदर अचानक आक्रामक हो गए और स्कोर 11-4 से उनके पक्ष में हो गया. चौथे और निर्णायक दौर में उज़्बेक खिलाड़ी के पास कोई मौक नहीं बचा था और जीतेंदर ने मुक़ाबला 13-6 से जीत लिया.