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ओलंपिक विजेताओं का भव्य स्वागत
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चीन की राजधानी बीजिंग में हुए ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने गए भारतीय दल का सोमवार की रात भारत लौटने पर ज़बरदस्त स्वागत किया
गया.
भारत को एक-एक कांस्य पदक दिलाने वाले मुक्केबाज़ विजेंदर सिंह और पहलवान सुशील कुमार और अन्य खिलाड़ियों का भी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ज़ोरदार स्वागत हुआ. भारत ने इस बार ओलंपिक में तीन पदक हासिल किए हैं. भारत को एक सोने का पदक और दो कांस्य पदक मिले हैं. भारत को एकमात्र सोना 10 मीटर एयर रायफ़ल शूटिंग में अभिनव बिंद्रा ने दिलाया. --------------------------------------------------------------------
-------------------------------------------------------------------- भारी भीड़ जमा हुई समाचार एजेंसियों के अनुसार हवाई अड्डे पर खिलाड़ियों का स्वागत करने के लिए भारी भीड़ जमा थी. बड़ी संख्या में सुशील कुमार और विजेंदर सिंह के परिवार वाले और दोस्त वहाँ मौजूद थे. इस पूरे दल के स्वागत के लिए भारत के खेल मंत्री एमएस गिल ख़ुद हवाई अड्डे पर पहुँचे थे.
भारतीय खेल संघ के महानिदेशक श्यान चटर्जी और कई दूसरे अधिकारियों ने भी वहाँ खिलाड़ियों का स्वागत किया. विजेंदर और सुशील के एयरपोर्ट से बाहर आते ही लोगों ने दोनों को फूल मालाओं से लाद दिया. मीडिया से बात करते हुए सुशील कुमार ने कहा, "इस बार मैं कांस्य जीत पाया हूँ. लेकिन मुझे यकीन है कि मैं आने वाले एशियाई खेलों और कॉमनवेल्थ खेलों के अलावा 2012 में लंदन में होने वाले ओलंपिक खेलों में सोने का तमगा ज़रूर जीतूँगा." सुरक्षा और स्वागत भारतीय टीम को लेने पहुँचे हज़ारों समर्थकों ने तिरंगा लहरा कर और "बीजिंग के शूरवीर ज़िंदाबाद", "सुशील-विजेंदर ज़िंदाबाद" के नारे लगाकर खिलाड़ियों का स्वागत किया.
इसी तरह के नारे लोग तख्तियों पर लिखकर लाए थे. एक तख्ती पर लिखा हुआ था, "ईस्ट ऑर वेस्ट, विजेंदर इज़ द बेस्ट." खिलाड़ियों के एयरपोर्ट पर पहुँचने के मद्देनज़र वहाँ पर सुरक्षा बेहद कड़ी रखी गई थी. दिल्ली पुलिस को वहाँ खासतौर पर तैनात किया गया था. भीड़ के साथ जब मुक्केबाज़ विजेंदर सिंह के पिता महीपाल सिंह बेनिवाल और उसके चाचा रमेश सिंह एयरपोर्ट के अंदर विजेंदर को लेने पहुँचे तो दिल्ली पुलिस के जवानों ने उन्हें रोक लिया. बाद में मीडिया के दख़ल के बाद इन लोगों को अंदर जाने दिया गया. मंगलवार को ही सुशील कुमार और विजेंदर सिंह ने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मुलाक़ात की. |
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