रविवार, 11 मई, 2008 को 16:59 GMT तक के समाचार
भारत की महिला क्रिकेट टीम ने लगातार चौथी बार एशिया कप का ख़िताब अपने नाम कर लिया है. कोलंबो में हुए फ़ाइनल मैच में भारत ने श्रीलंका को 177 रनों के बड़े अंतर से मात दी.
लगातार चौथी बार दोनों टीमों के बीच फ़ाइनल मैच हुआ और लगातार चौथी बार ख़िताब भारतीय टीम की झोली में गया.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष शरद पवार ने महिला खिलाड़ियों को बधाई दी और हर खिलाड़ी को पाँच-पाँच लाख रुपए पुरस्कार राशि देने की भी घोषणा की.
भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में सात विकेट पर 260 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया.
मैन ऑफ़ द मैच आशा रावत ने 97 रन बनाए जबकि कप्तान मिताली राज ने 66 रनों की बेहतरीन पारी खेली.
बल्लेबाज़ी के बाद जब गेंदबाज़ी की बारी आई तो भारतीय टीम ने श्रीलंका को सिर्फ़ 35.2 ओवर में 83 रन पर ही समेट दिया. पुजारे सीमा और नीतू डेविड ने तीन-तीन विकेट चटकाए.
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारतीय टीम उस समय तगड़ा झटका लगा जब सलामी बल्लेबाज़ जया शर्मा बिना कोई रन बनाए पवेलियन लौट गईं.
मज़बूत नींव
लेकिन उसके बाद आशा रावत पिच पर आईं और मज़बूत स्कोर की नींव रखी. कविता जैन ने भी अच्छी पारी खेली लेकिन वे 28 रन बनाकर ही पवेलियन लौट गईं.
फिर पिच पर आशा रावत का साथ देने पहुँचीं कप्तान मिताली राज. दोनों ने संभल कर खेलना शुरू किया और विकेट भी नहीं गिरने दिया. 38वें ओवर तक दोनों मैच को ले गईं. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 91 रन जोड़े.
आशा रावत दुर्भाग्यशाली रहीं और 97 रन बनाकर आउट हो गई. उन्होंने 114 गेंदों का सामना किया और 12 चौके और एक छक्का भी लगाया. मिताली ने 66 रन बनाए जिसमें छह चौके शामिल थे.
बाद में अमिता शर्मा ने सिर्फ़ 31 गेंद पर 50 रन बनाकर स्कोर को 260 रन तक पहुँचने में मदद की. जवाब में श्रीलंका की शुरुआत काफ़ी ख़राब रही और 62 रन पर उनकी आधी टीम पवेलियन लौट गई थी.
चार बल्लेबाज़ खाता भी नहीं खोल पाईं जबकि सिर्फ़ दो खिलाड़ियों का स्कोर दोहरे अंक में पहुँच पाया. पुजारे सीमा और नीतू डेविड ने तीन-तीन विकेट लिए. जबकि रुमेली धर ने दो विकेट चटकाए.
भारत की रुमेली धर को प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट चुना गया.