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बुधवार, 07 मई, 2008 को 13:12 GMT तक के समाचार

डोपिंग को अपराध माना जाए: कार्ल लुइस

अमरीका के सुप्रसिद्ध एथलीट और अपने करियर में नौ ओलंपिक स्वर्ण जीतने वाले कार्ल लुइस ने दुनिया के देशों से अपील की है कि वे खेल में शक्तिवर्धक नशीले पर्दाथों के सेवन यानी डोपिंग को आपराधिक मामला घोषित करें.

लुइस का मानना है कि डोपिंग से धूमिल हुई खिलाड़ियों की छवि को बचाने के लिए तत्काल क़दम उठाने की ज़रूरत है.

बीबीसी से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, "यदि हम साफ़ सुथरा खेल देखना चाहते हैं तो आम जनता, एथलीट्स और सरकार को मिल बैठकर इस मसले को सुलझाना होगा."

उन्होंने सवाल उठाया कि डोपिंग को ग़ैरक़ानूनी गतिविधि क्यों न माना जाए? अमरीका में इस समय कई ऐसे नामी खिलाड़ी हैं जो डोपिंग के दोषी पाए जा चुके हैं.

ग़ौरतलब है कि बीजिंग में इस वर्ष होने वाले ओलंपिक मैच शुरु होने में अब तीन महीने ही बचे हैं.

अमरीका के प्रसिद्ध एथलीट मरियन जोंस को नशीले पर्दाथों के सेवन का दोषी पाया गया और वह जेल की सज़ा काट रही है. उन्होंने वर्ष 2000 के ओलंपिक में पाँच स्वर्ण पदक जीते थे.

इसी तरह अमरीका के नामी धावक टिम मॉंटगोमेरी को भी डोपिंग का दोषी पाया गया था और उन्हें जेल की सज़ा होने की आशंका है.

इटली में अपराध

वर्तमान में सिर्फ़ इटली ने डोपिंग को एक आपराधिक मामला घोषित किया है.

दुनिया के ज़्यादातर देशों ने नशीले पदार्थों की आपूर्ति और उत्पादन को ग़ैर क़ानूनी मानने तक ही ख़ुद को सीमित कर रखा है.

लुइस ने कहा, "अच्छे एथलीट नशीले पर्दाथों का सेवन नहीं करते, जिनके पास प्रतिभा नहीं होती वहीं इनका सहारा लेते हैं."

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1988 के ओलंपिक में कार्ल लुइस अपने प्रतिद्वंदी बेन जॉनसन से पिछड़ गए थे. बाद में पता चला बेन जॉनसन ने शक्तिवर्धक दवाएँ ले रखी थी.