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आनंद की कास्परोव से भिड़ने की तमन्ना
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विश्व शतरंज चैंपियन विश्वनाथन आनंद चाहते हैं कि गैरी कास्परोव फिर शतरंज की बिसात पर वापसी करें ताकि वह रूस के इस सुपर ग्रैंडमास्टर
से एक और बाज़ी खेल सकें.
आनंद भी लंबे समय तक शतरंज की बिसात पर एकछत्र राज करने वाले कास्परोव के मुरीद हैं और शायद यही वजह है कि वह करियर के इस मुकाम पर कास्परोव से एक बार फिर भिड़ने की तमन्ना रखते हैं. समाचार एजेंसियों के अनुसार कोलकाता में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, "मैं वर्ष 1995 के बाद से कास्परोव के ख़िलाफ़ नहीं खेला हूँ. मैं एक बार फिर उनके साथ शतरंज की बाज़ी खेलना चाहता हूँ. अगर वो संन्यास तोड़ने का फ़ैसला करते हैं तो मुझे बहुत खुशी होगी." लक्ष्य भारत के पहले ग्रैंडमास्टर ने कहा कि वह फ़िलहाल हॉलैंड में अगले महीने होने वाली कोरस शतरंज चैंपियनशिप की तैयारियों में जुटे हैं.
कोरस चैंपियनशिप 11 से 27 जनवरी तक खेली जाएगी. आनंद ने पाँच बार यह ख़िताब हासिल किया है. यह पूछे जाने पर कि दो बार विश्व चैंपियन बनने के बाद नए साल के लिए उनके क्या लक्ष्य हैं, आनंद ने कहा, "शतंरज की बिसात पर जिस तरह भी मुझे आनंद मिले, मैं वह हासिल करना चाहता हूँ. और हाँ मैं एक बार फिर विश्व चैंपियन बनने का इरादा रखता हूँ." आनंद ने वर्ष 2000 में तेहरान में पहली बार विश्व चैंपियनशिप हासिल की थी, इसके बाद वह इसी साल सितंबर में मेक्सिको में दोबारा विश्व चैंपियन बने थे. शतरंज के सफ़र के बारे में पूछे जाने पर आनंद ने कहा कि वह तब तक खेलना जारी रखेंगे जब तक उन्हें इसमें लुत्फ मिलता रहेगा. उन्होंने कहा, "जब मैं बड़ी प्रतियोगिताओं में खेलता हूँ तो दबाव महसूस नहीं करता. मैं प्रतिस्पर्धा का आनंद उठाता हूँ और जब तक मुझे खेलने में आनंद मिलता रहेगा, तब तक मैं खेलना जारी रखूँगा." आनंद ने माना कि पिछले 15 वर्षों में देश में शतरंज की लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ी है. उन्होंने कहा कि कोनेरू हंपी बेहतरीन खिलाड़ी हैं. इसके अलावा पी हरिकृष्णा, संदीपन चंदा, सूर्य शेखर गांगुली जैसे खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. आनंद ने अखिल भारतीय शतरंज महासंघ और खिलाड़ियों की एसोसिएशन के बीच विवाद सुलझने पर खुशी व्यक्त की. उन्होंने कहा, "अब खिलाड़ियों और महासंघ के पदाधिकारियों के बीच किसी तरह का टकराव नहीं है और शतरंज के लिए यह अच्छी स्थिति है." |
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