|
मुझे पता है मुझे क्या करना है : सचिन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने अपने आलोचकों को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि उन्हें पता है कि उन्हें कैसी बल्लेबाज़ी करनी चाहिए. पाकिस्तान के ख़िलाफ़ घरेलू शृंखला में तेंदुलकर का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा था. एक मैच में शतक के अलावा उन्होंने कोई ख़ास प्रदर्शन नहीं किया जिसके बाद आलोचक कह रहे थे कि उन्होंने बल्लेबाज़ी के रुख में जो बदलाव किया है वो ठीक नहीं है. सचिन पर और अधिक संभल कर खेलने का आरोप लगाया गया है. इस बारे में सचिन का कहना है कि वो टीम के हित को ध्यान में रख कर खेलते हैं. उन्होंने कहा " मुझे पता है कि मुझे क्या करना है.जब तक मुछे लगता है कि मैं अपना काम ईमानदारी से कर रहा हूं तब तक मैं इस बात से अपनी नींद क्यों ख़राब करुं की कोई मेरे खेल के बारे में क्या कह रहा है." सचिन का कहना था " मैं टीम के सबसे सीनियर ख़िलाड़ियों में से हूं. उसी हिसाब से टीम के लिए मेरे योगदान को देखिए और मेरी भूमिका को समझने की कोशिश करनी होगी." तेंदुलकर ने 16 साल की उम्र 1989 में अपना कैरियर शुरु किया था. अब 16 साल के बाद तेंदुलकर टेस्ट क्रिकेट में 34 शतक समेत 10 हज़ार से अधिक रन और एकदिवसीय मैचों में 13 हज़ार से अधिक रन बना चुके हैं. हालांकि पिछले एक साल से तेंदुलकर का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है और वो अपनी कुहनी की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं. वीरेंदर सहवाग और राहुल द्रविड़ को अब टीम का नंबर एक बल्लेबाज़ कहा जाने लगा है. तेंदुलकर का मानना है कि समय के साथ परिवर्तन अवश्यंभावी है. हिंदू अखबार से बातचीत में तेंदुलकर ने कहा " मैं जब 16 साल का था तो अलग तरीके से बल्लेबाज़ी करता था. 20 साल में इसमें थोड़ा बदलाव किया. जब 25 का हुआ तो अलग की बल्लेबाज़ी और अब 30 का हो चुका हूं तो बदलाव आता ही है." उनका कहना था " पहले भी खिलाड़ियों को उम्र और अन्य कारणों की वजह से खेल में बदलाव करना पड़ा है. यह एक प्रक्रिया है जिससे सभी को गुज़रना पड़ता है. यह स्वाभाविक है. मैं इससे लड़ नहीं सकता." हालांकि इस उम्र में ढेर सारी उपलब्धियां जुटा चुके सचिन अब भी मानते हैं कि वो चुपचाप बैठकर पिछली सफलताओं की खुशियां नहीं मना सकते बल्कि उन्हें अभी भी सीखना है और यह प्रक्रिया चलती रहेगी. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||