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आईपीएल फ़िक्सिंग: मेयप्पन को लेकर फिर हंगामा

 सोमवार, 10 फ़रवरी, 2014 को 16:33 IST तक के समाचार
गुरुनाथ मेयप्पन

बीसीसीआई के अध्यक्ष और चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक एन श्रीनिवासन के दामाद गुरूनाथ मेयप्पन पर हंगामा शुरू हो गया है. जस्टिस मुदगल समिति ने कथित तौर पर उन्हें मैच फ़िक्सिंग और सट्टेबाज़ी का दोषी पाया है.

आईपीएल में भ्रष्टाचार की जाँच के लिए गठित जस्टिस मुदगल समिति ने गुरुनाथ मेयप्पन के ख़िलाफ़ मैच फ़िक्सिंग और सट्टेबाज़ी के आरोपों को सही पाया है.

मुदगल समिति की रिपोर्ट का स्वागत करते हुए आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने कहा है कि मुदगल रिपोर्ट ने उनकी बातों की पुष्टि कर दी है जो वो अब तक कहते रहे हैं.

मोदी ने ट्वीट किया है कि पूरी रिपोर्ट पढ़ने के बाद ही वो आधिकारिक तौर पर अपनी कोई प्रतिक्रिया देंगे. लेकिन वो ट्विटर पर लगातार लिख रहे हैं. मोदी ने कहा है कि चेन्नई सुपरकिंग्स की तमाम जीत को रद्द किया जाना चाहिए, उनको दिए गए ईनामी रक़म वापस लिए जाने चाहिए, टीम के मालिकों पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए और इसमें शामिल खिलाड़ियों पर आजीवन प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए.

क्लिक करें मोदी के ट्वीट्स पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक और बीसीसीआई के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन पर ख़ास हमला करते हुए मोदी ने ट्वीट किया है कि श्रीनिवासन की दो दिन पहले मिली सफलता बहुत कम समय के लिए रही.

एन श्रीनिवासन को केवल दो दिन पहले ही आईसीसी का अगला अध्यक्ष चुना गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ समिति ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी 170 पृष्ठों की रिपोर्ट में कहा है कि अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और राजस्थान रॉयल्स के सह मालिक राज कुंद्रा के ख़िलाफ़ स्पॉट फ़िक्सिंग और सट्टेबाज़ी के आरोपों की और जाँच होनी चाहिए.

रिपोर्ट में कहा गया है कि क्लिक करें मेयप्पन चेन्नई सुपरकिंग्स के शीर्ष अधिकारी थे जबकि श्रीनिवासन ने दावा किया था कि वह एक क्रिकेटप्रेमी होने के नाते टीम से जुड़े थे.

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अक्तूबर में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश जस्टिस मुद्गल की अगुवाई में इस कमेटी का गठन किया था.

कमेटी ने आईपीएल से जुड़े खिलाड़ियों, अधिकारियों और पत्रकारों के बयानों के आधार पर इस रिपोर्ट को तैयार किया है.

मुश्किल

रिपोर्ट में बीसीसीआई को सलाह दी गई है कि उसे भ्रष्टाचार और मैच फ़िक्सिंग से निपटने के लिए सशस्त्र सेनाओं और पुलिस के पूर्व अधिकारियों की सेवाएं लेनी चाहिए.

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि क्लिक करें श्रीनिवासन बीसीसीआई अध्यक्ष होने के साथ ही आईपीएल की एक टीम के मालिक भी हैं और यह हितों के टकराव का गंभीर मामला है जिस पर कोर्ट को विचार करना चाहिए.

एन श्रीनिवासन

समिति ने क्रिकेट को साफ़ सुथरा बनाने और स्पॉट एवं मैच फ़िक्सिंग को ख़त्म करने लिए दस सिफ़ारिशें भी दी हैं.

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

अगर इन दोनों टीमों के मालिकों को भ्रष्टाचार को दोषी पाया जाता है तो आईपीएल के संविधान के मुताबिक़ उन टीमों को आईपीएल से बाहर किया जा सकता है.

यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब 12 फ़रवरी को आईपीएल के अगले संस्करण के लिए बंगलौर में खिलाड़ियों की नीलामी होनी है.

चेन्नई सुपरकिंग्स ने अपने पाँच खिलाड़ियों को अगले संस्करण के लिए बरक़रार रखा है. राजस्थान रॉयल्स ने भी अपने कुछ स्टार खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है.

मामला

शांतकुमारन श्रीसंत

श्रीसंत पर आजीवन पाबंदी लगाई गई है.

आईपीएल-6 के दौरान स्पॉट फ़िक्सिंग का मामला उस समय सामने आया था, जब राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों शांतकुमारन श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजीत चंडीला को दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार किया.

क्लिक करें श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजीत चंडीला को गत 16 मई को 16 सटोरियों समेत दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार किया था. उन पर 420 और 120बी के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया था.

उनके साथ-साथ कई सटोरियों को भी पुलिस ने गिरफ़्तार किया.

इसके बाद मुंबई पुलिस ने मेयप्पन और फिल्म कलाकार विंदू दारा सिंह को गिरफ़्तार किया. फिर दिल्ली पुलिस ने राजस्थान रॉयल्स के मालिक राज कुंद्रा का भी नाम लिया.

बीसीसीआई ने फ़िक्सिंग मामले में श्रीसंत और अंकित चव्हाण पर क्लिक करें आजीवन पाबंदी लगाई गई है.

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