भारतीय टीम ऑकलैंड में मैच बचा पाएगी?

  • 24 जनवरी 2014
न्यूज़ीलैंड दौरे पर भारतीय टीम

इन दिनों न्यूज़ीलैंड का दौरा कर रही भारतीय टीम शनिवार को ऑकलैंड में जब पाँच एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की सिरीज़ का तीसरा मैच खेलने के लिए मैदान में उतरेगी तो उसका एकमात्र लक्ष्य किसी भी तरह जीत हासिल कर सिरीज़ को जीवंत बनाए रखना होगा.

इससे पहले नेपियर और हैमिल्टन में खेले गए दोनो मैच भारत हार चुका है.

लगातार दो हार के बाद भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, ईशांत शर्मा और सुरेश रैना को लगातार मौक़े दिए जाने को लेकर आलोचनाओं के घेरे में है तो दूसरी तरफ मेज़बान न्यूज़ीलैंड के हौसले सातवें आसमान पर हैं.

दक्षिण अफ्रीका में जब भारतीय टीम एकदिवसीय सिरीज़ में हारी तब कहा गया कि टीम को वहां की परिस्थितियों के अनुसार ढलने का अवसर नही मिला, लेकिन न्यूज़ीलैंड में अभी तक के प्रदर्शन को लेकर क्या कहा जाए?

शिखर धवन और रोहित शर्मा की सलामी जोड़ी दक्षिण अफ्रीका और न्यूज़ीलैंड दौरे के किसी भी मैच में अच्छी शुरूआत नहीं दे सकी है.

नंबर एक का ताज

विराट कोहली

अकेले विराट कोहली ने अभी तक जमकर बल्लेबाज़ी की है. लेकिन उन्हे दूसरे छोर से वहां भी कोई जोड़ीदार नही मिला.

दूसरे एकदिवसीय मैच में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, सुरेश रैना और अजिंक्य रहाणे बल्ले से बिलकुल नाकाम रहे हो ऐसा भी नहीं है लेकिन इनमें से कोई भी बल्लेबाज़ अपनी पारी को बड़े स्कोर में नही बदल सका, इस बात को कप्तान धोनी ने भी स्वीकार किया.

गेंदबाज़ी मेंईशांत शर्माऔर आर अश्विन लगातार महंगे साबित हो रहे है. अश्विन पिछले दोनो मैचों में 18 औवर में 102 रन खर्च चुके है वह भी बिना कोई विकेट लिए. ईशांत शर्मा ने 15 ओवर में 118 रन देकर दो विकेट लिए है.

टीम में दूसरे स्पिनर के तौर पर खेल रहे रवींद्र जडेजा भी कुछ ख़ास नही कर सके हैं. उन्होंने दोनो मैचों में 17 ओवर की गेंदबाज़ी में 107 रन देकर केवल एक कामयाबी हासिल की है.

निश्चित रूप के यह आँकड़े किसी भी गेंदबाज़ को टीम में जगह नही दिला सकते ख़ासकर जब वह लगातार टीम का हिस्सा हो और बेंच स्ट्रेंथ के रूप में उमेश यादव, वरूण ऐरॉन, ईश्वर पांडेय जैसे तेज़ गेंदबाज़, अमित मिश्रा जैसा लैग स्पिनर और स्टुअर्ट बिन्नी जैसा आलराउंडर टीम के साथ हो.

खिलाड़ियों का प्रदर्शन

न्यूज़ीलैंड की टीम
न्यूज़ीलैंड की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है.

अब अमित मिश्रा और उमेश यादव को तो दो अवसर और रैना, अश्विन, जडेजा और ईशांत शर्मा को सौ अवसर देने वाली नीति कब तक चलेगी?

भारत के पूर्व कप्तान और महान सलामी बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर जो टीम के चयन पर कुछ अधिक नहीं कहते लेकिन उनका सब्र भी जैसे जवाब दे गया और उन्होने कहा कि अब टीम में पाँच गेंदबाज़ खिलाने की रणनीति बेकार है और ईशांत शर्मा की जगह एक अतिरिक्त बल्लेबाज़ को टीम में शामिल किया जाए.

दूसरी तरफ न्यूज़ीलैंड की टीम में रॉस टेलर, कोरी एंडरसन, ल्यूक रोंकी, कप्तान ब्रैंडन मैकुलम बल्लेबाज़ी में पूरे फ़ॉर्म में हैं. गेंदबाज़ी में टिम साउदी, मिल्स और मैकलेनंघन अपनी सटीक और तेज़ गेंदों से भारतीय बल्लेबाज़ो की कमियों का पूरा फ़ायदा उठा रहे है.

अब ऑकलैंड में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत के कप्तान धोनी किस टीम के साथ मैदान में उतरते है और वह टीम मैदान में शानदार प्रदर्शन कर सिरीज़ को शनिवार को हारने से बचा पाती है या नही नही.

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