BBC navigation

बिक रहा है 'सचिन के मैच' का टिकट 15,000 में

 गुरुवार, 14 नवंबर, 2013 को 15:17 IST तक के समाचार
सचिन तेंदुलकर

यूं तो भारत में हर बड़े क्रिकेट मैच के टिकटों की कालाबाज़ारी की ख़बरें आती रहती हैं , लेकिन इस बार बात सिर्फ भारत और वेस्टइंडीज के बीच टेस्ट मैच की नहीं है.

प्रशंसकों की नज़र में 'क्रिकेट के भगवान' माने जानेवाले सचिन रमेश तेंदुलकर रिटायर हो रहे हैं, इसलिए टिकटों की डिमांड बहुत ज़्यादा है, लेकिन आम लोगों के लिए टिकट बेहद कम. लिहाज़ा कालाबाज़ारी भी जम कर हो रही है.

स्टेडियम के बाहर कुहनी मारकर टिकट की पेशकश करने वाले एक सज्जन ने दबी ज़बान में कहा कि, "सचिन का टिकट चाहिए हो तो मिल सकता है."

क्लिक करें सैकड़ों का सरताज, करोड़ों की धड़कन

आगे पूछने पर उसने बताया कि एक दिन का खेल देखने के लिए सात हज़ार रुपए में पास मिल जाएगा. कालाबाज़ारियों के पास लोगों को पूरा मैच दिखाने का भी जुगाड़ है, जिसके लिए खर्च करने पड़ेंगे 12 से 15 हज़ार रुपए तक.

मेरे बर्ताव से पहले से ही निराश एजेंट ने टिकट के लिए ना सुनकर कहा, "लेना है तो लो वर्ना कल तक और महंगा हो जाएगा."

मुंबई पुलिस के 'विशेष इंतज़ामों' के बावजूद वानखेड़े स्टेडियम और आस-पास के इलाकों में दलाल मैच के पास और टिकट धड़ल्ले से बेच रहे हैं. इनमें से कई नए लोग भी हैं जो मुनाफे के लालच में पहली बार टिकट ब्लैक कर रहे हैं. बड़ी मासूमियत से वो कैमरे के सामने टिकट दिखा भी देते हैं.

पुलिस भी कालाबाज़ारियों पर लगातार कार्रवाई कर रही है. गुरूवार को भी पुलिस ने स्टेडियम के पास से तीन लोगों को कालाबाज़ारी करते हुए पकड़ा.

'विशिष्ट लोग'

वानखेड़े स्टेडियम के बाहर क्रिकेट प्रेमी

लगभग 32,000 हज़ार दर्शकों की क्षमता वाले वानखेड़े स्टेडियम में हो रहे इस मैच की करीब तीन हज़ार टिकटों की बिक्री आम लोगों के लिए एक वेबसाइट के माध्यम से की गई थी. वेबसाइट के खुलते ही वो क्रैश भी हो गई.

क्लिक करें चार दशक का चमत्कार

एक अंग्रेज़ी अखबार को दिए बयान में वेबसाइट कंपनी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नीतू भाटिया ने बताया कि बिक्री शुरू होने के पहले कुछ घंटों में ही वेबसाइट को करीब दो करोड़ हिट मिले थे.

एक आख़िरी बार सचिन को खेलते देखने के लिए लोग देश-विदेश से मुंबई पहुंचे हैं. 'विशिष्ट लोग' अपने बड़े-बड़े कनेक्शनों से मैच पास पा चुके हैं. लेकिन कई बेटिकट खेल प्रेमी तो सैकड़ों किलोमीटर दूर से यही सोचकर आ गए हैं कि मुंबई में टिकटों का कुछ न कुछ जुगाड़ तो हो ही जाएगा.

नेपाल से यहां आए एक युवा ने हमें बताया कि वो तीन दिन से टिकट पाने के लिए जुटा था जो कि उसे वैध माध्यम से नहीं मिल पाया और ब्लैक टिकट खरीदना उसके बस से बाहर है.

लिहाज़ा वो स्टेडियम के बाहर ही डेरा जमाकर बैठ गए हैं और चाहते हैं कि आते-जाते बस सचिन दिख जाएं, यही उनके लिए उल्लास की बात होगी.

(बीबीसी हिन्दी के क्लिक करें एंड्रॉएड ऐप के लिए आप क्लिक करें यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें क्लिक करें फ़ेसबुक और क्लिक करें ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

इसे भी पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.