सचिन की विदाई शानदार हो: द्रविड़

  • 29 अक्तूबर 2013
सचिन तेंदुलकर, भारत, क्रिकेट

भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा है कि इससे फ़र्क नहीं पड़ेगा कि सचिन अपनी आख़िरी टेस्ट सिरीज़ में रन बनाते हैं या नहीं, उन्हें शानदार विदाई दी जानी चाहिए. सचिन तेंदुलकर अगले महीने मुंबई में अपना 200वां टेस्ट खेलकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक द्रविड़ ने कहा, "मैं सिर्फ़ यही उम्मीद करता हूं कि वो अपने आख़िरी दो टेस्ट के मज़े उठाएंगे. यह मायने नहीं रखता कि वह बड़ा स्कोर बनाएंगे या नहीं. मैं उन्हें शुभकामनाएं देना चाहता हूं और बीते 24 साल में उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए जो किया है उसके लिए धन्यवाद देना चाहता हूं."

द्रविड़ का कहना है सचिन ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने कभी अपना स्तर नहीं गिरने दिया. उन्होंने कहा कि वह चाहेंगे कि सचिन अपने आखिरी दो टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करें.

द्रवि़ड़ ने मुंबई में एक कार्यक्रम में कहा, "सचिन का परिवार भी यह दो टेस्ट देखने आएगा इसलिए ये बड़ी घटनाएं हैं. उन्होंने सालों तक कड़ी मेहनत की है इसलिए उन्हें अच्छी विदाई मिलनी चाहिए."

खुद द्रविड़ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक बेहद सम्मानित खिलाड़ी रहे हैं, उनका कहना है कि किसी के भी लिए तेंदुलकर की उपलब्धियों के नज़दीक आना मुश्किल होगा.

उन्होंने कहा, "मैंने सचिन के साथ काफ़ी क्रिकेट खेला है. मैं उन्हें बचपन से देखता आ रहा हूं. उनके आंकड़े, उनके प्रदर्शन को दोहराना मुश्किल होगा."

'सचिन की जगह लेना मुश्किल'

सचिन और राहुल द्रविड़
सचिन और राहुल द्रविड़ ने भारत को मिलकर कई मैचों में जीत दिलाई है.

जब द्रविड़ से ये पूछा गया कि उन्हें कौन सा खिलाड़ी ऐसा लगता है जो सचिन की जगह ले सके तो उन्होंने कहा कि किसी भी युवा खिलाड़ी के साथ ये ज़्यादती होगी कि उससे ये उम्मीद लगाई जाए कि तुरंत सचिन की जगह ले.

द्रविड़ ने कहा, "अभी कुछ अच्छे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं. विराट ने भी वनडे और टेस्ट क्रिकेट में असाधारण खेल दिखाया है. लेकिन सचिन की जगह लेना आसान नहीं होगा. अभी टीम में कोहली है, रोहित शर्मा हैं, रहाणे हैं, रैना हैं, इतने युवा खिलाड़ी हैं जो जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि इनमें से कौन एक स्थायी जगह बना पाता है."

विश्व कप में भारत की कप्तानी कर चुके द्रविड़ ने कहा कि वो उम्मीद कर रहे हैं कि वो सचिन को आख़िरी बार खेलते हुए देखें. उन्होंने ये भी कहा कि सचिन के संन्यास लेने से उन्हें हैरत नहीं हुई.

उन्होंने कहा, "मैं उम्मीद कर रहा हूं कि मैं तब मुंबई में रहूंगा. जब कोई 40 साल का हो और इतना क्रिकेट खेल चुका हो तो संन्यास लेने पर हैरत नहीं होती. ये खेल और ज़िंदगी की हकीक़त है.

लेकिन द्रविड़ का मानना है कि सचिन की कोई एक यादगार पारी चुनना मुश्किल होगा.

वो कहते हैं, "अगर किसी ने 100 शतक लगाए हों तो सिर्फ़ एक पारी चुनना मुश्किल होगा. आप 150 में से एक पारी नहीं चुन सकते और मैं यह नहीं करूंगा क्योंकि मैं उनका पूरा टेस्ट करियर याद रखना चाहूंगा."

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