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धोनी बोले, नहीं बनाएंगे ऑलटाइम ग्रेट टीम

 मंगलवार, 20 अगस्त, 2013 को 00:15 IST तक के समाचार
 धोनी ने गंभीरता से स्वीकार किया कि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ होने वाली टेस्ट सिरीज़ पर भी उनकी नज़र है. (फाइल फोटो)

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान धोनी इन दिनों क्रिकेट के मैदान से थोड़ा ब्रेक लेकर अपनी फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं. लेकिन सोमवार को वह दिल्ली के एक पांचसितारा होटल में खेल पत्रकारों से रूबरू थे और कई मुद्दों पर उन्होंने अपनी राय रखी.

काले रंग की टी-शर्ट और जींस पहने क्लिक करें महेंन्द्र सिंह धोनी पहले के मुक़ाबले ज़्यादा चुस्त दुरस्त लग रहे थे, बल्कि एक साथी खेल पत्रकार ने तो ध्यान दिलाया कि अब धोनी के कानों के पास पिछले दिनों साफ चमकते सफेद बालों का रंग भी बदल गया है.

खचाखच भरे हॉल में धोनी ने अपनी फिटनेस को लेकर कहा कि वह बहुत बड़े 'जिम फैन' नहीं हैं, और ना ही बहुत ज़्यादा भार उठाते हैं. उनके लिए थकान से मुक्ति पाना पहला लक्ष्य था.

अभी उनके पास एक महीना है और उसके बाद वह चैंपियंस लीग में व्यस्त हो जाएंगे लेकिन तब टीम के फिटनेस ट्रेनर उनके साथ होंगे.

जब किसी ने चुटकी ली कि आप पहले से पतले लग रहे हैं, तो उन्होंने हँसते हुए कहा, "शायद यह कम खाना खाने का असर है."

इसके बाद उन्होने कहा कि वह इन दिनों बैडमिंटन खेल रहे हैं. वैसे फुटबॉल तो उनका पसंदीदा खेल है.

चयन की कसौटी

"मुझे लगता है कि युवा खिलाड़ी हर फॉर्मेट को प्रमुखता दे. चाहे वह टेस्ट क्रिकेट हो वनडे या टवेंटी-20. तीनो फॉर्मेट एक दूसरे से जुड़े हैं और किसी एक में बदलाव करना दूसरे फॉर्मेट को प्रभावित कर सकता है."

महेंद्र सिंह धोनी, भारतीय कप्तान

टीम के चयन के बारे में धोनी का कहना है, "जब चयनकर्ता टीम का चयन करते है, तब प्रतिभाशाली खिलाड़ी को वरीयता दी जाती है, ख़ासकर ऐसे खिलाड़ी को जिसके बारे में कहा जाता है कि वो भविष्य में टीम के लिए बहुत रन बनाएगा. अगर वह एक बार शानदार प्रदर्शन करना शुरू कर देता है तो आत्मविश्वास हासिल करने के बाद और भी परिपक्व हो जाता है."

धोनी के अनुसार उस खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा साबित पड़ती है और चयनकर्ताओं की उम्मीदों पर खरा उतरना पड़ता है.

इससे पहले सचिन तेंदुलकर ने कहा था, "किसी भी खिलाड़ी के चयन में चयनकर्ता उस खिलाड़ी के पुराने रिकॉर्ड की जगह उसकी दबाव सहने की क्षमता देखें."

सचिन के बयान पर पूछे जाने पर धोनी ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी.

फॉर्मेट का फंडा

धोनी से राहुल द्रविड़ के इस बयान पर भी प्रतिक्रिया मांगी गई कि युवा खिलाड़ी पहले टेस्ट क्रिकेट खेलें और उसके बाद आईपीएल और क्लिक करें ट्वेंटी-20.

राहुल द्रविड़

राहुल द्रविड़ ने युवा खिलाड़ियों के पहले टेस्ट खेलने की सलाह दी है

इस धोनी ने अपने ही अंदाज़ में कहा, "मेरा मानना है कि क्रिकेट का हर फॉर्मेट महत्वपूर्ण है और उसमें उनका अपना जादू है. किसी भी खिलाड़ी के हाथ में नही है कि वह क्रिकेट का कोई एक रूप चुने. दरअसल वह जैसा प्रदर्शन करता है, उसके आधार पर चयनकर्ता निर्धारित करते हैं कि उसे किस फॉर्मेट में टीम मे जगह मिले."

उन्होंने कहा, "इस बात का कोई पैमाना नही बनाया जा सकता कि पहले कोई टेस्ट मैच खेले और उसके बाद वनडे. अगर आप भारतीय टीम में जगह बनाने वाले ज़्यादातर खिलाड़ियों की बात करें तो हम सब अलग रास्ते से टीम में आते है."

धोनी मानते हैं, "अगर आपको वनडे में खेलने का मौक़ा पहले मिलता है तो आप अंतराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन करने के बाद टेस्ट टीम में अपनी जगह बनाते हैं, इसलिए यह खिलाड़ियों के हाथ में नहीं है कि वह क्या पसंद करे."

धोनी ने यह भी कहा कि, "मुझे लगता है कि युवा खिलाड़ी हर फॉर्मेट को प्रमुखता दे. चाहे वह टेस्ट क्रिकेट हो वनडे या टवेंटी-20. तीनो फॉर्मेट एक दूसरे से जुड़े हैं और किसी एक में बदलाव करना दूसरे फॉर्मेट को प्रभावित कर सकता है."

नहीं बनाएंगे ऑल टाइम ग्रेट टीम

इन दिनों क्रिकेट में बहुत से खिलाड़ी अपनी ऑलटाइम ग्रेट टीम भी चुन रहे हैं और इनमें पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भी शामिल हैं.

उनकी ड्रीम ऑलटाइम वनडे टीम के कप्तान धोनी हैं जबकि टेस्ट टीम में धोनी नहीं हैं. इसे लेकर भी धोनी ने दार्शनिक अंदाज़ में जवाब दिया.

सौरव गांगुली

सौरव गांगुली ने अपनी ऑल टाइम ग्रेट टीम में धोनी को वनडे टीम का कप्तान बनाया है

उन्होंने कहा, "मेरे लिए इस तरह की टीम बनाना संभव नहीं है क्योंकि हर युग में, हर टीम में, हर स्थान के लिए अलग-अलग 11 खिलाड़ी होते हैं. कैसे आप 11 खिलाड़ियो की जगह भरेंगे.

उन्होंने कहा कि, "अब अगर बाइक का उदाहरण देकर कहूँ तो पहले दो स्ट्रोक की बाइक आती थी अब चार स्ट्रोक की आती है. दोनों के पार्ट्स मिलाकर इधर-उधर करने की कोशिश करेंगे तो परिणाम अच्छे नही होंगे."

धोनी ने कहा, "इसलिए मुझे लगता है कि इस मुद्दे को छोड़कर हमें हर उस खिलाड़ी का सम्मान करना चाहिए जिसने भारत के लिए टेस्ट और वनडे क्रिकेट खेला है. भले उन्होंने हज़ारों रन बनाए हो या नहीं बनाए हों या फिर उसने सौ से ज़्यादा वनडे खेले हों, सबकी एक समान इज़्ज़त करनी चाहिए.

धोनी ने यह भी कहा कि वो अपनी ज़िंदगी में तो इस तरह की कोई टीम नहीं बनाएंगे.

विराट कोहली से खुश

धोनी ने ये भी एलान कर दिया है कि अभी वह क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट को अलविदा नहीं कहने जा रहे हैं.

महेन्द्र सिंह धोनी के साथ विराट कोहली

धोनी की गैर मौजूदगी में विराट कोहली ने टीम का नेतृत्व किया

क्रिकेट में उम्र को लेकर उन्होंने कहा कि इस खेल में उम्र कोई बहुत मायने नहीं रखती, महत्वपूर्ण यह है कि खेल की ज़रूरत के अनुरूप कोई कितना फिट है, चाहे वह गेंदबाज़ हो या बल्लेबाज़.क्लिक करें

क्लिक करें महेन्द्र सिंह धोनी पिछले दिनों क्रिकेटर विराट कोहली में आए परिवर्तन से भी खुश हैं. वह कहते हैं, "पिछले एक साल में विराट की ना सिर्फ बल्लेबाज़ी में निखार आया है बल्कि वह जिस तरह से हर मैच में अपने आपको पेश कर रहे हैं वह तारीफ के क़ाबिल है."

बहरहाल अब धोनी की नज़र ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ होने वाली टेस्ट सिरीज़ पर है. वैसे वो दक्षिण अफ्रीका में भारतीय क्रिकेट टीम के प्रदर्शन की सराहना करना भी नहीं भूले.

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