ज़िम्बाब्वे बनाम भारत: अब सवाल क्लीन स्वीप का?

  • 3 अगस्त 2013
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ज़िंबाब्वे सीरीज़ से विराट कोहली की कप्तान के रूप में मज़बूत होकर उभरे हैं

बुलावायो में भारत और मेज़बान ज़िम्बाब्वे के बीच शनिवार को पांचवां और आखिरी एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेला जाएगा.

भारत पहले ही इस मौजूदा श्रृंखला के शुरूआती चारो मैच पहले ही जीत चुका है और भारत के कप्तान विराट कोहली की तमन्ना पांचवा मैच भी भारत के नाम करके ज़िम्बाब्वे को पूरी तरह से क्लीन स्वीप करने की होगी.

अब तक खेले गए चारों मैचों में भारत के लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 12 विकेट हासिल किए है.

अगर यह कहा जाए कि इस दौरे का सबसे ज़्यादा फ़ायदा अमित मिश्रा ने उठाया है तो ग़लत नहीं होगा.

कोई चुनौती नहीं

अमित मिश्रा के अलावा मोहित शर्मा को भी पिछले मैच में खेलने का मौक़ा मिला और उन्होंने पूरे 10 ओवर करते हुए केवल 26 रन देकर 2 विकेट लिए.

बल्लेबाज़ी में इन दिनों सलामी बल्लेबाज़ के नए अवतार में मैदान में उतरने वाले रोहित शर्मा ने चौथे मैच में नाबाद 64 रन बनाकर पिछले 3 मैचो की नाकामी को धो डाला.

उनके बल्ले से पहले मैच में 20 दूसरे में 1 और तीसरे मैच में केवल 14 रन ही निकले थे.

रोहित शर्मा के अलावा सुरेश रैना ने भी ज़िम्बाब्वे की कमज़ोर गेंदबाज़ी का पूरा लाभ उठाते हुए नाबाद 65 रन बनाए.

इससे पहले उनका बल्ला भी थोड़ा खामोश था.

भारत के इस दौरे से पहले क्रिकेट प्रेमियो को ज़िम्बाब्वे में एक बेहतरीन सीरीज़ देखने की उम्मीद थी, क्योंकि अपनी ही धरती पर ज़िम्बाब्वे ने हमेशा ही शानदार प्रदर्शन किया है.

लेकिन इस बार ज़िम्बाब्वे टीम भारत के सामने कही भी टिक नहीं सकी.

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अमित मिश्रा सीरीज़ के सबसे सफल गेंदबाज़ रहे हैं

ज़िम्बाब्वे की टीम न तो किसी मैच में अच्छी बल्लेबाज़ी कर सकी और न ही उसके गेंदबाज़ भारतीय बल्लेबाज़ो को किसी भी मैच में कोई विशेष चुनौती पेश कर सके.

पिछले मैच में तो ज़िम्बाब्वे की टीम केवल 144 रन पर ही ढेर हो गई.

दूसरी पंक्ति की कमी

इस सीरीज़ से पहले महेंद्र सिंह धोनी, ईशांत शर्मा, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार और आर अश्विन को चयनकर्ताओं ने आराम देने का फैसला किया था.

उस समय एक बार तो ऐसा लगा कि कहीं यह निर्णय ग़लत साबित न हो जाए.

ख़ुद ज़िम्बाब्वे ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में ज़्यादा म़ौके मिलने के सुनहरे अवसर को खो दिया.

अब पांचवें और आखिरी मैच में बस इतनी दिलचस्पी बची है कि क्या अजिंक्य रहाणे और परवेज़ रसूल को भी खेलने का अवसर मिलता है या नहीं क्योंकि बाकी सभी खिलाड़ियों को अपने हाथ दिखाने का म़ौका मिल चुका है.

अब एक बात से तो इंकार नहीं किया जा सकता कि महेंद्र सिंह धोनी के बाद भारत के विराट कोहली के रूप में एक ऐसा कप्तान मिला है जो अपने कंधों पर टीम का भार उठा सकता है.

इसके अलावा इस श्रृंखला से यह भी पता चल गया कि भारत के पास दूसरी पंक्ति की तेज़ लाइन अप नहीं है और मज़बूत टीमों के ख़िलाफ भारत को ईशांत शर्मा, भुवनेश्वर कुमार और उमेश यादव की ज़रूरत ज़रूर पडेगी.

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