भारत और श्रीलंका के बीच खिताबी भिड़ंत आज

  • 11 जुलाई 2013
भारतीय टीम
इशांत शर्मा, सुरेश रैना और उमेश यादव निभा सकते हैं फाइनल में अहम भूमिका

आख़िरकार तमाम तरह के अगर-मगर, किन्तु-परन्तु और रन रेट के साथ-साथ अंकों की दुविधा से निकलकर भारत गुरुवार को वेस्ट इंडीज़ में खेली जा रही त्रिकोणीय एकदिवसीय क्रिकेट सिरीज़ का फ़ाइनल श्रीलंका से खेलने जा रहा है.

फ़ाइनल में पहुंचने से पहले तीनों टीमों को लेकर इतनी अनिश्चितता शायद ही किसी त्रिकोणीय सिरीज़ में इससे पहले कभी रही हो.

कहां तो मेज़बान वेस्ट इंडीज़ की टीम, श्रीलंका और भारत को शुरुआती मैचों में हराकर 9 अंकों के साथ फ़ाइनल में लगभग पहुंच ही चुकी थी लेकिन बाद में उसने ना सिर्फ दोनों मुक़ाबले गवाएं बल्कि वो रन रेट में भी काफ़ी पिछड़ गई.

दूसरी तरफ़ भारत ने अपने पहले दोनों मैच गवाएं और तब ऐसा लगने लगा कि शायद भारतीय क्रिकेट टीम पर चैंपियंस ट्रॉफी जीतने की खुमारी छाई हुई है.

डकवर्थ लुइस नियम का खेल

तभी भारतीय टीम लय में लौटी. उसने पहले तो वेस्टइंडीज़ को हराया और फिर अगले मैच में श्रीलंका को डकवर्थ लुइस नियम के आधार पर 81 रनों से हराया.

पिछले कुछ मैचों में श्रीलंका का दबदबाभारत के ख़िलाफ़ नज़र नही आया है, ख़ासकर जब से मुरलीधरन ने एकदिवसीय क्रिकेट को अलविदा कहा है. इसके अलावा वक़्त के साथ साथ उसके तेज़ गेंदबाज़ लसिथ मलिंगा की रफ़्तार और धार में भी कमी आई है लेकिन फ़ाइनल मुक़ाबले की ख़ुशी मलिंगा तो क्या, किसी भी खिलाड़ी में जोश पैदा कर सकती है.

श्रीलंका के उपुल थरंगा और कुमार संगकारा का बल्ला इस सिरीज़ में खूब बोला है लेकिन इसके साथ यह भी ध्यान रखना होगा कि भले ही श्रीलंका की टीम को बुधवार को थोड़ा आराम करने का मौक़ा मिला हो लेकिन इससे पहले वह लगातार तीन दिन मैदान पर रही थी.

पहले तो वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ उन्होंने बारिश से प्रभावित मैच के परिणाम के लिए दो दिन इंतज़ार किया और उसके अगले ही दिन उनका सामना भारत से हुआ, जहां उनकी टीम बल्लेबाज़ी करते हुए पूरी तरह बिखर गई.

इनकी भूमिका रहेगी महत्वपूर्ण

श्रीलंका टीम
श्रीलंकाई टीम चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइल की हार का बदला लेना चाहेगी

अब भारतीय टीम का दारोमदार फिर से सलामी जोड़ी रोहित शर्मा और शिखर धवन पर रहेगा जिनके चलते टीम के सभी बल्लेबाज़ फॉर्म में आ जाते हैं.

विराट कोहली ने दिखा दिया है कि एकदिवसीय क्रिकेट में 100 से ज़्यादा मैच खेलने के बाद उनमें अब विपरीत हालात का सामना करने का हुनर आ चुका है. गेंदबाज़ी में भी युवा भुवनेश्वर कुमार अब सबसे भरोसेमंद तेज़ गेंदबाज़ हैं, तो इशांत शर्मा ने भी फिटनेस और फॉर्म से अपने आलोचकों को शांत किया है.

आर अश्विन और उमेश यादव भी कोई बहुत खराब गेंदबाज़ी नही कर रहे है. ऐसे में इसभारतीय टीम की फिल्डिंग का स्तर भी काफ़ी बेहतर है.

ऐसे में भारतीय टीम श्रीलंका के मुक़ाबले बीस ही नज़र आती है लेकिन फ़ाइनल मैच समाप्त होने से पहले किसी भी टीम की जीत की भविष्यवाणी अभी नही की जा सकती.

कौन बनेगा विजेता

इस फ़ाइनल मुक़ाबले में भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी खेल सकते है बशर्ते वह 100 प्रतिशत फिट हो.

अगर दोनों टीमों के बीच पिछले 10 मैचों के परिणाम की बात की जाए तो उनमें श्रीलंका ने 4 और भारत नें 5 मैच जीते ही जबकि 1 मैच में नतीजा नही निकला था.

गुरुवार को फ़ाइनल मैच में भारत के दिनेश कार्तिक पर विशेष नज़रें रहेंगी जो इन दिनों मिल रहे अवसर का पूरा फ़ायदा नही उठा पा रहे है.

फ़ाइनल का नतीजा चाहे जो हो, लेकिन वेस्ट इंडीज़ की टीम की साख को उसके ख़राब खेल के कारण बड़ी ठेस पहुंची है जबकि इस सिरीज़ में गेल, पोलार्ड, सैमी, ब्रॉवो, सैमुअल्स और सुनील नारायण के होते हुए भी टीम में वो दम नहीं दिखा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार