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भारत-इंग्लैंड में फ़ाइनल भिड़ंत

 रविवार, 23 जून, 2013 को 15:09 IST तक के समाचार
भारत की क्रिकेट टीम

इंग्लैंड में खेली जा रही क्लिक करें आईसीसी चैंम्पियंस ट्रॉफी अब अपने अंतिम मुकाम पर पहुँच चुकी है.

रविवार को इसका फाइनल भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जा रहा है. गुरूवार को खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में भारत ने श्रीलंका को बेहद आसानी से आठ विकेट से मात दी थी.

इससे पहले खेले गए पहले क्लिक करें सेमीफाइनल में मेज़बान इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को सात विकेट से हराया था.

इत्तेफ़ाक़ से दोनों सेमीफाइनल एक जैसे परिणाम वाले ही साबित हुए.

इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करते हुए पहले सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका को केवल 175 रनो पर समेट दिया था तो भारत ने भी ऐसा ही फैसला लेते हुए दूसरे सेमीफाइनल मे क्लिक करें श्रीलंका का पुलिंदा महज़ 181 रनो पर बांधा था.

इसके बाद आसानी से मिली जीत बताती है कि दोनो टीमें सेमीफाइनल कितने एकतरफा तरीके से पहुँचे.

उत्साह का माहौल

"भारत भले ही बेहतरीन खेल दिखा रहा है लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाज़ो की भी तारीफ की जानी चाहिए जिन्हे मालूम है कि किस लेंग्थ पर गेंद करनी चाहिए. इसके अलावा उनके बल्लेबाज़ो ने भी दिखाया है कि अगर गेंदबाज़ो का शुरूआत में थोडा धैर्य के साथ सामना किया जाए तो फिर एक लम्बी पारी खेली जा सकती है."

नयन मोंगिया, पूर्व विकेट कीपर

दक्षिण क्लिक करें अफ्रीका जहाँ पहले सेमीफाइनल में केवल 39 ओवर बल्लेबाज़ी कर सका तो भारत ने भी मैच को निपटाने में केवल 35 ओवर का सहारा लिया.

फाइनल मुकाबले को लेकर बर्मिंघम मे बड़े उत्साह का माहौल है क्योंकि वहाँ बड़ी तादाद में एशियाई आबादी रहती है.

वैसे भी आईसीसी चैंम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन आखिरी बार किया जा रहा है इसलिए दोनों ही देशों की टीमें फाइनल जीतने के लिए जी-जान लगाएँगी.

पूरे टूर्नामेंट में भारत ने बेहद क्लिक करें शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए बड़ी आसानी के साथ फाइनल में अपनी जगह बनाई है.

शिखर धवन ने श्रीलंका के खिलाफ भी 68 रन बनाकर दिखाया कि इस टूर्नामेंट में उनके दो शतक कोई तीर-तुक्का नही थे.

इसके साथ-साथ रोहित शर्मा ने भी उनका बखूबी साथ देते हुए पहले विकेट के लिए अच्छी शुरूआत भारत को दी.

हालांकि अभी तक खेले गए मैचों में भारत के सभी बल्लेबाज़ों को हाथ खोलने का मौक़ा नही मिला है, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ विराट कोहली ने नाबाद 58 रन बनाकर इंग्लैंड के खेमे में सीधे-सीधे संदेश भेज दिया है कि भारत का मध्यम क्रम भी किसी से कम नही है.

कुकाबुरा बॉल से स्विंग

शिखर धवन

दूसरी तरफ इंग्लैंड ने अपनी ही ज़मीन पर खेले जा रहे टूर्नामेंट की घरेलू परिस्तिथियों का पूरा लाभ उठाया है.

खासकर एंडरसन, फिन और ब्रॉड जैसे उसके गेंदबाज़ों ने आश्चर्यजनक रूप से कुकाबुरा बॉल से स्विंग कराई.

क्रिकेट के माहिरों का कहना है कि तेज़ गेंदबाज़ों के लिए ऐसा कराना आसान नही होता है.

इसके अलावा इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाज़ जेम्स ट्रेडवेल का जलवा भी खूब देखने को मिला और उनकी फिरकी गेंदबाज़ी के सामने दक्षिण अफ्रीका और न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज़ बेबस नज़र आए.

बल्लेबाज़ी में भी कप्तान कुक के अलावा जोनाथन ट्रॉट और इयान बेल के साथ-साथ जोए रूट ने समय-समय पर अपने खेल के जरिए टीम को बेहतरीन योगदान दिया.

काग़ज़ पर दोनो टीमों की ताक़त को कम नही आंका जा सकता और ना ही किसी टीम को मज़बूत.

लिहाज़ा सेमीफाइनल के नीरस और एकतरफा मुक़ाबलो की जगह एक संघर्षपूर्ण फाइनल की उम्मीद है.

बॉडी लैंग्वेज

"भारत ने अभी तक जिस आसानी से फाइनल तक का सफर तय किया है उसका असर उनकी बॉडी लैंग्वेज यानी हाव-भाव के रूप में नज़र आने लगा है. "

मनिंदर सिंह, पूर्व फिरकी गेंदबाज़

अब फाइनल को लेकर अगर विशेषज्ञों के अनुमानों का आकलन किया जाए तो पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह मानते हैं, "भारत ने अभी तक जिस आसानी से फाइनल तक का सफर तय किया है उसका असर उनकी क्लिक करें बॉडी लैंग्वेज यानी हाव-भाव के रूप में नज़र आने लगा है. अब खिलाड़ी एक-दूसरे की कामयाबी में सहयोग दे रहे है और सफलता का आनंद भी ले रहे है."

ऐसे में मनिंदर सिंह कहते है, "इंग्लैंड को भारत से कड़ी टक्कर मिलने वाली है और जिस तरह से टीम खेल रही है, उसे हराना बेहद मुश्किल है."

दोनों टीमों की खासियत को लेकर मनिंदर सिंह का मानना है कि इंग्लैंड की गेंदबाज़ी जानदार है लेकिन भारत की सलामी जोड़ी ने शानदार खेल दिखाया है.

चाहे उसने पहले बल्लेबाज़ी की हो या फिर लक्ष्य का पीछा किया हो.

इसके अलावा भारत के तेज़ गेंदबाज़ इशांत शर्मा और उमेश यादव की गेंदबाज़ी में लय नज़र नही आ रही थी पर उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ इस कमी को भी दूर कर दिया तो फाइनल मुक़ाबला इंग्लैंड के गेंदबाज़ो और भारत के बल्लेबाज़ो के बीच होगा जो शानदार होने की उम्मीद है और उन्हें उसका बेसब्री से इंतज़ार है.

लम्बी पारी

महेंद्र सिंह धोनी और रवींद्र जडेजा

फाइनल मुक़ाबले को ही लेकर भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज़ नयन मोंगिया मानते हैं, "भारत भले ही बेहतरीन खेल दिखा रहा है लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाज़ो की भी तारीफ की जानी चाहिए जिन्हे मालूम है कि किस लेंग्थ पर गेंद करनी चाहिए. इसके अलावा उनके बल्लेबाज़ो ने भी दिखाया है कि अगर गेंदबाज़ो का शुरूआत में थोडा धैर्य के साथ सामना किया जाए तो फिर एक लम्बी पारी खेली जा सकती है. एलिस्टेर कुक ने जब से एकदिवसिय क्रिकेट में टीम की कप्तानी संभाली है तब से उन्होने टीम में काफी सुधार किया है."

वैसे ऐसा दूसरी बार हुआ है जब इंग्लैंड आईसीसी चैंम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुँचा है.

इससे पहले वह साल 2004 में भी अपनी ही ज़मीन पर खेले गए इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुँचा था लेकिन इस मुकाबले में वह वेस्टइंडिज़ से हार गया.

वही भारत तीसरी बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुँचा है.

पहली बार भारत 2000-01 में कीनिया में आयोजित इस टूर्नामेंट के फाइनल में न्यूज़ीलैंड से हारा तो दूसरी बार अगले ही साल 2002-03 में श्रीलंका में बारिश से बाधित फाइनल में श्रीलंका के साथ ही संयु्क्त रूप से विजेता रहा और अब तीसरी बार इंग्लैंड के साथ फाइनल खेलेगा.

अब देखना है कि आखिरी बार आयोजित किए जा रहे आईसीसी चैंम्पियंस ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट को पहली बार पूरी तरह अपने नाम करने की कोशिश में जीत का ऊंट किस देश की करवट बैठता है?

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