आईपीएल और बीसीसीआई दोनों बे'सहारा' होंगे

  • 21 मई 2013
सुब्रत राय, सहारा प्रमुख

आईपीएल की टीम पुणे वॉरियर्स ने प्रतियोगिता से हटने का फ़ैसला किया है.

पुणे वॉरियर्स के मालिक सहारा ग्रुप ने फ्रैंचाइज़ी फ़ीस पूरी नहीं चुकाई और आईपीएल से बाहर होने का फ़ैसला कर लिया.

सहारा के फ़ीस न चुकाने पर बीसीसीआई ने उसकी बैंक गारंटी को भुनाने का फ़ैसला कर लिया है.

सहारा की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि बीसीसीआई के रवैए से सहारा ग्रुप उकता गया है.

प्रायोजन भी नहीं

पुणे वॉरियर्स
आईपीएल-6 में पुणे वॉरियर्स का प्रदर्शन बेहद ख़राब रहा है

बयान में कहा गया, “अगर सारी फ्रैंचाइज़ी फ़ीस भी माफ़ कर दी जाए तो भी हम टी20 की फ्रैंचाइज़ी नहीं रखेंगे. टी20 से बाहर होने का सहारा का फ़ैसला अंतिम और अटल है.”

बयान में आगे कहा गया, “साल 2010 में सहारा ने 1700 करोड़ की बोली लगाकर, 94 मैचों की आय के हिसाब से टी20 की फ्रैंचाइज़ी ख़रीदी थी. बीसीसीआई ने मीडिया में 94 मैचों की बात बताई ताकि उसे ज़्यादा पैसा मिल सकें लेकिन हमें सिर्फ़ 64 ही मैच मिले.”

सहारा का दावा है कि फ्रैंचाइज़ी फ़ीस घटाने के लिए मध्यस्थता के आग्रह पर बीसीसीआई ने कोई ध्यान नहीं दिया.

बयान के अनुसार, “कोच्चि और हमारी टीम ने तुरंत इसका विरोध किया था और फ्रैंचाइज़ी फ़ीस को टी20 मैचों के हिसाब से घटाने के लिए कहा था. लेकिन हमारी बात नहीं सुनी गई. हमने इस विश्वास के साथ इंतज़ार किया कि खेल की इस संस्था में खेल भावना होगी ही.”

uसहारा ग्रुप का कहना है कि वह साल 2014 में भारतीय क्रिकेट टीम की प्रायोजक भी नहीं रहेगी. ग्रुप की ओर से जारी बयान के अनुसार बीसीसीआई के रवैये को देखते हुए ग्रुप तत्काल भारतीय टीम के प्रायोजक के रूप में अनुबंध समाप्त कर देना चाहता था.

लेकिन खिलाड़ियों के हित को देखते हुए इसे दिसंबर, 2013 तक जारी रखने का फ़ैसला किया गया है ताकि बीसीसीआई कोई और प्रायोजक ढूंढ सके.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार