मैच फिक्सिंग आरोपों पर बैन होने वाले शीर्ष पांच खिलाड़ी

  • 21 मई 2013

अज़हरुद्दीन
अज़हरुद्दीन इन दिनों मुरादाबाद से कॉंग्रेस सांसद हैं.

पिछले कुछ वर्षों में 'जेंटलमैन्स गेम' कहे जाने वाले क्रिकेट के खेल पर मैच-फ़िक्सिंग और स्पॉट-फ़िक्सिंग का साया मंडराता रहा है.

तीन पाकिस्तानी खिलाड़ियों सलमान बट, मोहम्मद आसिफ़ और मोहम्मद आमिर को जब ब्रिटेन की एक अदालत ने स्पॉट-फ़िक्सिंग का दोषी पाया तब से सवाल उठते रहे हैं कि इससे पहले चर्चा में रहे मामलों में क्रिकेटरों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हुई.

हालांकि इसका दूसरा पहलू ये भी है कि जिन खिलाड़ियों के नाम इन आरोपों से जुड़े, उनका करियर लगभग ख़त्म सा ज़रूर हो गया.

जानिए उन पांच नामचीन खिलाडियों के बारे में कुछ रोचक तथ्य.

मोहम्मद अज़हरुद्दीन, पूर्व भारतीय कप्तान

अज़हरुद्दीन की गिनती भारत के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों और कप्तानों में होती थी जब तक उनका नाम मैच-फ़िक्सिंग मामलों में नहीं आया था.

एकदिवसीय क्रिकेट में भी वे भारत के सफलतम कप्तानों में से एक रहे हैं क्योंकि उनके नेतृत्व में टीम ने 103 मैच जीते थे.

लेकिन हैंसी क्रोनिए के इक़बालिया बयान में अज़हरुद्दीन का नाम आया जिसमे उन पर क्रोनिए को सट्टेबाज़ों से मिलवाने के आरोप लगे.

भारत के केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की और अज़हरुद्दीन से कई दफे़ पूछताछ भी हुई.

हालांकि अज़हरुद्दीन ने बाद में कुछ भी क़ुबूल करने से इनकार किया था लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने वर्ष 2000 में उन पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया था. इन दिनों वे मुरादाबाद से कॉंग्रेस पार्टी के सांसद हैं.

हैंसी क्रोनिए, पूर्व दक्षिण अफ्रीकी कप्तान

सचिन तेंदुलकर ने एक ज़माने में कहा था कि उन्हें हैंसी क्रोनिए की मध्यम गति की गेंदों को खेलने में खासी दिक्कत आती है.

क्रोनिए को वर्ष 2000 में तीन साथी दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटरों के साथ मैच-फ़िक्सिंग का दोषी पाया गया था.

क्रोन्ये
क्रोन्ये दक्षिण अफ्रीका के सफलतम कप्तानो में से एक रहे.

शुरुआत में सभी आरोपों को नकारने के बाद उन्होंने मैच फ़िक्सिंग और बिचौलियो के साथ संपर्क की बात मानी भी थी.

इसके तुरंत बाद जांच के दौरान हैंसी क्रोनिए ने कई सनसनीखेज़ बातें भी बताईं थी जिनसे कुछ क्रिकेटरों और सट्टेबाजों के बीच होने वाले संपर्क के अहम सुराग मिले थे.

क्रिकेट से आजीवन प्रतिबंधित किए जाने के करीब दो वर्ष बाद उनकी मौत एक विमान दुर्घटना में हो गई थी.

सलीम मालिक, पूर्व पाकिस्तानी कप्तान

इमरान खान के मुताबिक़ सलीम मलिक एक ऐसे अनुभवी बल्लेबाज़ थे जो दुनिया की किसी भी पिच पर किसी भी गेंदबाज़ को अपना विकेट न देने की काबलियत रखते थे.

मालिक
भारत के खिलाफ मालिक का प्रदर्शन बेहतरीन रहा.

मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने वाले सलीम मालिक ने खासतौर से एशिया की पिचों पर गेंदबाजों के खूब छक्के छुड़ाए.

कभी-कभार वे अपनी ऑफ-स्पिन से विपक्षी टीम के बड़े विकेट भी ले लिया करते थे.

उनके ऊपर 2000 में साथी खिलाडियों को कथित तौर पर रिश्वत देने के गंभीर आरोप लगे और उसी वर्ष वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बैन किए जाने वाले पहले खिलाड़ी बने.

हालांकि शुरुआत से अपने को निर्दोष बताने वाले सलीम मलिक के खिलाफ़ बाद में आरोप साबित नहीं किए जा सके और उन पर लगा बैन हटा लिया गया. लेकिन उसके बाद से उन्होंने क्रिकेट की ओर मुड़कर कभी नहीं देखा.

मनोज प्रभाकर, पूर्व भारतीय ऑलराउंडर

1990 के दशक में मनोज प्रभाकर भारतीय क्रिकेट टीम का अभिन्न अंग थे. वे भारतीय गेंदबाजी की शुरुआत करते थे और कम रन देने के लिए मशहूर थे.

मनोज प्रभाकर
मनोज प्रभाकर ने सलामी बल्लेबाजी भी की.

मनोज प्रभाकर ने कई दफे एक सलामी बल्लेबाज़ के रूप में भी भारतीय बल्लेबाजी को संभाला था और एक बार तो शतक भी जड़ा था.

लेकिन 1995-96 में टीम से बाहर किए जाने के बाद ही उन्होंने अपने संन्यास की घोषणा कर सभी को सकते में ला दिया था.

बाद में उन्होंने कपिल देव समेत कई भारतीय खिलाड़ियों पर मैच फ़िक्सिंग के गंभीर आरोप लगाए थे जिनसे उनकी खुद की जांच भी हुई थी.

जांच के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने उन पर भी पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया था.

बैन ख़त्म होने के कुछ साल बाद मनोज प्रभाकर ने राजनीति में एक असफल पारी खेली और फिर क्रिकेट कोचिंग में तल्लीन हो गए.

अजय जडेजा, पूर्व भारतीय कप्तान

अजय जडेजा भारतीय क्रिकेट टीम के चहेतों में गिने जाते थे क्योंकि अपने ज़माने में वो एकदिवसीय क्रिकेट के सबसे बेहतरीन खिलाडियों मे से एक थे.

अजय जडेजा
अजय जडेजा ने 1996 विश्व कप में कई बेहतरीन पारियां खेली.

बल्लेबाजी में वे टीम की रीढ़ समझे जाते थे और अनगिनत बार उन्होंने टीम इंडिया को मुश्किल हालातों से निकाला था. सीबीआई जांच के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने उन पर भी पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया था जिसे जडेजा ने बाद में चुनौती भी दी.

हालांकि बाद में उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलने की इजाज़त मिल गई थी और उन्होंने दिल्ली और राजस्थान की टीमों की कप्तानी भी की.

जडेजा ने बाद में बॉलीवुड में भी अपना भाग्य आजमाने के विफल प्रयास किए थे और इन दिनों एक सफल क्रिकेट विश्लेषक हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड मोबाइल ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)