BBC navigation

क्या हॉकी को खलेगी पाक खिलाड़ियों की कमी?

 सोमवार, 21 जनवरी, 2013 को 08:29 IST तक के समाचार

मुंबई मैजिशियंस और रांची राइनोज़ के बीच मुकाबले में गेंद के लिए संघर्ष करते खिलाड़ी.

हॉकी इंडिया लीग से पाकिस्तानी खिलाड़ियों की अपने वतन वापसी के साथ ही भारत-पाकिस्तान के खेल रिश्तों की गाड़ी भी पटरी से उतर गई है.

अब जबकि सभी नौ पाकिस्तानी हॉकी खिलाड़ी वापस लौट चुके है तो हॉकी इंडिया लीग पर इसका क्या असर पडेगा, मुंबई मैजिशियंश के मुख्य कोच रिक चार्ल्सवर्थ कहते हैं, “उनकी टीम में चार पाकिस्तानी खिलाड़ी थे इसलिए उनकी टीम के तालमेल पर बेहद बुरा असर पडा है. उनके बदले रिज़र्व पूल से खिलाडियों का चुनना आसान नही है.”

रिक चार्ल्सवर्थ के अनुसार, “पाकिस्तानी खिलाड़ी बेहद शानदार थे और मै अपनी टीम में राशिद मुहम्मद और फरीद अहमद को चाहता था, कयोंकि यह दोनो खिलाड़ी मैच में बहुत बडा अंतर पैदा कर सकते थे.”

चार्ल्सवर्थ के अलावा उत्तर प्रदेश विज़ार्ड्स के मुख्य कोच रॉलेट ऑल्टमैंस भी कहते हैं कि पाकिस्तान के खिलाड़ियो को वापस नही भेजा जाना चाहिए था.

रॉलेट ऑल्टमैंस मानते हैं कि इससे हॉकी इंडिया लीग की चमक कम होगी. दोनों देशों के बीच राजनैतिक तनाव है लेकिन खेल को हमेशा राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए.

इससे अलग भारत के पूर्व ओलंपियन मानते हैं कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लीग में खिलाना चाहिए, लेकिन जब सीमा पर तनाव हो तो उसका असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी पड़ता है, इसलिए इस माहौल में उनका लीग में ना खेलना ही उचित है.

रिश्तों की मार मैदान पर

"पाकिस्तानी खिलाड़ी बेहद शानदार थे और मै अपनी टीम में राशिद मुहम्मद और फरीद अहमद को चाहता था, कयोंकि यह दोनो खिलाड़ी मैच में बहुत बडा अंतर पैदा कर सकते थे."

रिक चार्ल्सवर्थ, कोच मुंबई मैजिशियंस

ऐसी राय रखने वालो में भारत के पूर्व कप्तान हरबिंदर सिंह और ज़फर इक़बाल शामिल है. खिलाड़ी अभी खुलकर कुछ कहने की हालत में नहीं है, इसलिए अभी तक उन्होनें इस मुद्दे से अपने आप को अलग रखा है.

इससे पहले एक बेहद खुशनुमा माहौल में पाकिस्तान की क्रिकेट टीम भारत में लगभग सात साल बाद कोई क्रिकेट सीरीज़ खेलने आई थी.

तब उम्मीद जगी थी कि अब यह सिलसिला रूकेगा नहीं और शायद इससे भी एक कदम आगे ये कि पाकिस्तान के खिलाड़ी शायद आईपीएल में भी खेल सकेंगे, पर इस माहौल में ऐसा कब होगा फिलहाल कहना मुशकिल है.

इससे पहले भारत-पाकिस्तान के खेल प्रेमियों को एक बड़ा झटका तब भी लगा था जब इंडो-पाक एक्सप्रेस के नाम से मशहूर भारत के रोहन बोपन्ना और पाकिस्तान के एसाम-उल-हक़ क़ुरैशी की जोडी एक दूसरे से अलग हो गई.

आजकल ये दोनों खिलाड़ी अपने-अपने नए जोड़ीदारो के साथ खेल रहे है.

तो अब यह तो तय है कि पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बिना भी हॉकी इंडिया लीग पूरी हो जाएगी. भारत, इंग्लै़ड, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, हॉलैंड, न्यूज़ीलैड और मलेशिया के खिलाडी अपना रंग जमा भी दे, लेकिन कहीं ना कहीं पाकिस्तानी खिलाड़ियों की कमी यहॉ भी वैसे ही खलेगी, जैसे आईपीएल में खलती है.

इसे भी पढ़ें

टॉपिक

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.