सरकारी दखलंदाज़ी की सज़ा आईओए को

 बुधवार, 5 दिसंबर, 2012 को 00:28 IST तक के समाचार
ओलंपिक

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने भारतीय ओलंपिक महासंघ (आईओए) को निलंबित कर दिया है.

आईओसी ने आईओए की चुनाव प्रक्रिया में सरकार के दखल को इसकी वजह बताया है.

आईओसी का कहना था कि चुनाव ओलंपिक संघ के नियमानुसार करवाए जाएँ न कि सरकारी खेल नियमों के तहत. समिति का कहना है कि इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया.

स्विट्ज़रलैंड के लूज़ैन में कार्यकारिणी की बैठक के बाद आईओसी में सदस्य देशों के ओलंपिक समितियों से संबंधों का मामला देखने वाले अधिकारी पियर माइरो ने कहा, "अब उन्हें (आईओए) को चुनाव करवाने का अधिकार नहीं है. लेकिन अगर किसी वजह से वे चुनाव करवाते भी हैं तो उसे मान्यता नहीं दी जाएगी."

कई महीनों की चेतावनी के बाद आईओसी ने ये क़दम उठाया है.

इस निलंबन का मतलब ये है कि अब आईओए को आईओसी की ओर से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिलेगी और वो आईओसी की किसी बैठक में भाग नहीं ले सकेगा.

फ़ैसला

"आईओए की चुनाव प्रक्रिया में इससे पहले जो कुछ हुआ है वह शून्य घोषित किया जाता है और इससे आगे जो भी होगा वह भी"

पियर माइरो, आईओसी के अधिकारी

olympicसमाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार आईओसी के अधिकारी पियर माइरो ने बैठक के बाद कहा, "इस निलंबन की वजह ये है कि उनकी चुनाव प्रक्रिया शुरुआत से ही गड़बड़ रही है. इसमें कई तरह की दखलंदाज़ी होती रही है, कई सरकारी नियम हैं और आईओए की वैधानिक स्थिति की व्याख्या ग़लत है."

आईओसी का कहना है कि सरकार ने आईओए को स्वायत्त संस्था की तरह काम नहीं करने दिया.

माइरो का कहना था कि ऐसा ही ख़तरा कुवैत पर भी मंडरा रहा था लेकिन सरकारी क़ानून में बदलाव करने के बाद वे इससे बच गए.

उन्होंने स्पष्ट किया कि आईओए का निलंबन सरकारी दखलंदाज़ी और आईओए के ख़राब प्रबंधन दोनों का नतीजा है.

उन्होंने कहा, "आईओए की चुनाव प्रक्रिया में इससे पहले जो कुछ हुआ है वह शून्य घोषित किया जाता है और इससे आगे जो भी होगा वह भी. "

निलंबन का मतलब

भारतीय दल

अगर निलंबन रद्द न हुआ तो भारतीय झंडा ओलंपिक में नहीं दिखेगा

निलंबन का मतलब ये होगा कि भारतीय ओलंपिक महासंघ को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की ओर से कोई वित्तीय मदद नहीं मिलेगी.

साथ ही भारतीय ओलंपिक महासंघ के पदाधिकारी अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की किसी बैठक या आयोजन में हिस्सा नहीं ले पाएंगे.

इतना ही नहीं, भारतीय खिलाड़ी, भारत की ओर ओलंपिक आयोजन में अपनी दावेदारी पेश नहीं कर पाएंगे.

हालांकि आईओसी ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों को खेलने की मंजूरी दे सकती है लेकिन भारतीय ध्वज के साथ नहीं ओलंपिक के ध्वज के साथ.

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने हाल ही में कुवैत की ओलंपिक समिति को भी निलंबित करने की चेतावनी दी थी, लेकिन कुवैत ने बीते हफ्ते अपने खेल संबंधी कानूनों में बदलाव करके ऐसी नौबत नहीं आने दी थी.

पूर्व-चेतावनी

सुरेश कलमाड़ी

आईओसी को आशंका थी कि दाग़ी लोग फिर से चुनकर आईओए के पदाधिकारी हो जाएँगे

आईओसी ने एक दिन पहले ही आईओए को लिखिति में सूचित किया था कि वो मौजूदा स्थिति में सुधार नहीं होने की दशा में 4-5 दिसम्बर को होने वाली अपने कार्यकारी बोर्ड की बैठक में आईओए को निलंबित करने का प्रस्ताव रखेगी.

आईओसी का कहना था कि वह दो वर्ष से अधिक समय से, आईओए की चुनाव प्रक्रिया में सरकार के दखल के बारे में गहरी चिंता जताता रही है.

आईओसी ने आईओए के हालिया चुनाव उसके संवैधानिक दिशा-निर्देशों और ओलंपिक चार्टर की बजाए सरकारी नियमों के हिसाब से होने की खबरों पर भी चिंता जताई थी.

आईओसी ने चेतावनी दी थी कि वह इस दशा में आईओए के चुनाव नतीजों को मान्यता नहीं देगा. आईओसी का ये भी कहना है कि वह अपने इस रूख से सम्बद्ध पक्षों को पहले ही अवगत करा चुका है, लेकिन आईओए इन लंबित मुद्दों का समाधान संतोषजनक तरीके से नहीं कर सका.

आईओसी का कहना था कि आईओए ने उसके साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान भी नहीं किया, इन तमाम कारणों से आईओए पर निलंबन का खतरा मंडरा रहा था.

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