भारत को जीत ही नहीं, बड़ी जीत की दरकार

  • 2 अक्तूबर 2012
दक्षिण अफ्रीका के साथ मंगलवार को भारत का अहम मुकाबला

टीम इंडिया और उसके करोड़ों चाहने वालों के दिलों की धड़कनें मंगलवार शाम से थम सी-जाएंगी. श्रीलंका में खेले जा रहे टी-20 विश्वकप में भारत का मुकाबला दक्षिण अफ़्रीका से होने जा रहा है.

साथ ही सुपर आठ दौर का भी ये अंतिम मुकाबला होगा और उस लिहाज़ से धोनी की टीम के सामने एक निश्चित लक्ष्य रहेगा, कि मैच को जीतने के लिए किस तरह का समीकरण चाहिए.

सुपर आठ के दूसरे ग्रुप से मेज़बान श्रीलंका और वेस्टइंडीज़ सोमवार को प्रतियोगिता के सेमीफ़ाइनल में अपनी जगह बना चुके हैं.

भारत के ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया सबसे मज़बूत जगह पर है और उसे सेमी फ़ाइनल से बाहर रखने के लिए पाकिस्तान को उसे बहुत बड़े फ़ासले से हारना होगा. अब सेमीफ़ाइनल में जगह बनाने की मुख्य लड़ाई है भारत और पाकिस्तान में.

भारतीय तैयारी

टीम इंडिया ने जिस तरह से पिछले मैच में पाकिस्तान को हराया था उसके बाद से हर सदस्य का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है. सोमवार को जब भारतीय टीम नेट्स पर थी, तब खिलाड़ियों ने जम कर फुटबॉल खेली, और वो भी करीब एक घंटे.

हालांकि मैं थोडा हैरान ज़रूर था उन्हें बल्लेबाज़ी के नेट्स से नदारद देख कर, लेकिन सभी खिलाड़ियों ने जम कर व्यायाम किया और खुद को एन्जॉय किया.

दक्षिण अफ़्रीका के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड भी कोई बहुत खराब नहीं रहा है और जिस तरह से दक्षिण अफ़्रीका ने सुपर आठ में अपने दोनों मैच हारे हैं, उनपर उसका मनोवैज्ञानिक दबाव होना लाज़मी है.

कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का कहना है, "हमारी रणनीति काफी कुछ ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के मैच के परिणाम पर भी निर्भर करेगी."

हालांकि जानकारों का ये भी कहना है कि दक्षिण अफ़्रीका के पास गंवाने के लिए बहुत कम शेष है और इस स्थिति में कोई भी टीम खुल कर खेलती है और अपनी छाप छोड़ने की कोशिश करती है.

चयन

इस महत्वपूर्ण मैच के पहले बड़ा सवाल यही है कि कप्तान धोनी अंतिम ग्यारह में किन खिलाड़ियों को जगह देते हैं.

पिछले मैच में सहवाग को खिलाने का फैसला बिलकुल सही साबित हुआ था क्योंकि गंभीर के पहले ओवर में आउट हो जाने के बाद सहवाग ने विराट कोहली के साथ पारी को संभाला था.

दक्षिण अफ़्रीका के तेज़ गेंदबाजों मोर्केल और स्टेन की गेंदों का सामना करने के लिए सहवाग की निर्भीकता और अनुभव काम आ सकते हैं.

ऑफ-स्पिनर हरभजन सिंह हालांकि पिछले मैच में टीम का हिस्सा नहीं बन सके थे, लेकिन दक्षिण अफ़्रीका के खिलाफ उन्हें टीम में शामिल करके भारतीय कप्तान दक्षिण अफ़्रीकी बल्लेबजों पर दबाव बना सकते हैं.

दक्षिण अफ़्रीका के बल्लेबाज़ वैसे भी स्पिन के मुकाबले तेज़ गेंदबाजी में ज़्यादा सहज दिखते हैं. रहा सवाल बल्लेबाज़ी का तो धोनी को अपने नियमित सलामी बल्लेबाजों गंभीर और सहवाग से ही शुरुआत करानी होगी.

हालांकि गंभीर फॉर्म से मीलों दूर हैं लेकिन वो किसी भी बड़े मैच में बड़ा स्कोर करने का माद्दा रखते हैं. बहुत कुछ इस पर भी निर्भर करेगा कि अब तक मैच विनर रहे कोहली विकेट पर कितनी देर रहते हैं.

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