आसान नहीं है सुपर 8 के आगे की राह

  • 27 सितंबर 2012
विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी
विराट कोहली इस समय अच्छी फ़ॉर्म में हैं

महेंद्र सिंह धोनी की टीम ने ग्रुप ए के अपने दोनों मैचों को जीत कर धूम-धाम से सुपर आठ में जगह बनाई है. जहाँ भारतीय टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ़ जीतने के लिए अपनी पूरी शक्ति झोंक देनी पड़ी, वहीँ इंग्लैंड के खिलाफ हुआ मैच एकतरफा ही कहा जाएगा.

लेकिन अब सवाल ये उठता है कि आगे क्या? क्योंकि सुपर आठ में भारत जिस ग्रुप में है वो सबसे खतरनाक कहा जाने वाला ग्रुप है.

जहाँ एक तरफ ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी भारत का इंतज़ार कर रहे हैं वहीँ दूसरी तरफ पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका की टीमों ने प्रतियोगिता के पहले दौर में अपनी बेहतरीन छाप भी छोड़ रखी है. ज़ाहिर है ऐसे में टीम इंडिया को सुपर आठ से पार पाना आसान बिल्कुल नहीं होगा.

पहली टक्कर

28 सितंबर को धोनी की टीम का पहला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होना है.ये शायद ऐसा मैच हो सकता है जिससे ये अंदाज़ा लग जाएगा कि धोनी के धुरंधरों में कितना दम है.

प्रतियोगिता के पहले दौर में ऑस्ट्रेलिया ने श्रेष्ठ क्रिकेट खेली है और दोनों ही टीमों की कोशिश इस मैच को जीत कर महत्त्वपूर्ण अंक अर्जित करने की होगी. भारत के लिए ये मैच इसलिए भी महत्त्वपूर्ण रहेगा क्योंकि अभी तक ऑस्ट्रेलिया ने किसी ऐसी टीम से भिडंत नहीं की है जिसकी स्पिन गेंदबाजी भारत को टक्कर दे सके.

साथ ही प्रेमदासा स्टेडियम का विकेट भी शुरुआत में तेज़ गेंदबाजों को मदद करने के बाद अब स्पिनरों की मदद कर रहा है. तीसरी बात ये भी है कि ऑस्ट्रेलिया में हुई पिछली श्रंखला में बुरी तरह से पिट जाने के बाद धोनी की टीम इस मैच में हिसाब बराबर करने के लिए उतरेगी.

ज़रूरी ये भी है कि ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाजों डेविड वार्नर और शेन वॉट्सन को सस्ते में आउट किया जाए.

पुराने प्रतिद्वंदी

पाकिस्तानी टीम
पाकिस्तान की टीम से भी टीम इंडिया का सामना होना है

कोलंबो के ही मैदान पर 30 सितंबर को चिर प्रतिद्वंदियों भारत और पाकिस्तान का मुकाबला होना है. इस मैच में भाग लेते समय धोनी की टीम के सदस्यों के दिमाग में प्रतियोगिता शुरू होने के पहले खेला गया अभ्यास मैच ज़रूर दौड़ रहा होगा.

इन टीमों के बीच एक लंबे समय बाद खेले गए उस मैच में पाकिस्तान ने भारत को आसानी से मात देकर अपना मनोबल आसमान तक पहुंचा दिया था. उसके बाद पाकिस्तान की टीम ने बंगलादेश को एक करारी मात देकर अपनी बल्लेबाज़ी का लोहा भी मनवा लिया है.

लेकिन धोनी की टीम को अगर ये मैच जीतना है तो निश्चित तौर पर भारतीय बल्लेबाजों को एक बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा और साथ ही पाकिस्तान की गेंदबाजी पर हमला करना होगा. क्योंकि पाकिस्तान की गेंदबाजी में अब तक भारत से ज़्यादा धार दिखी है और पाकिस्तान के खिलाफ हुए मैच में भज्जी से लेकर ज़हीर खान ने निराश ही किया था.

पाकिस्तान के खिलाफ मैच में धोनी सहवाग नामक हथियार का प्रयोग कर सकते हैं और पाकिस्तान के खिलाफ़ वीरू का रिकॉर्ड भी ज़बरदस्त रहा है.

बल्लेबाजों की परीक्षा

टी20 विश्वकप में सुपर आठ का अंतिम मुकाबला 2 अक्तूबर को होना है जिसमे भारत की भिडंत दक्षिण अफ़्रीका से होगी. इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा होने की पूरी संभावना है क्योंकि डेल स्टेन और मॉर्नी मोर्केल अपनी घातक गेंदों से आग उगल रहे हैं.

साथ ही कप्तान ए बी डिविलियर्स, प्लेसिस और हाशिम अमला अच्छे लय में दिख रहे है और किसी भी लक्ष्य को पार पाने में सक्षम हैं. दक्षिण अफ्रीका जैसी टीम के खिलाफ़ भारत की रणनीति बल्लेबाजों पर हमला करने की होनी चाहिए.

इस बात पर अभी भी सवाल हैं कि दक्षिण अफ़्रीका के बल्लेबाज़ भारतीय स्पिन को कैसे खेलते हैं. भारत को सुनिश्चित करना होगा कि भज्जी और अश्विन या पियूष चावला दोनों छोर से आठ बेहतरीन ओवर डालें, तभी भारत को विकेट मिलेंगे.

साथ ही ये भी ज़रूरी है कि भारत के सलामी बल्लेबाज़ कम से कम 60 -70 रन की साझेदारी निभाएं जिससे एक बड़ा स्कोर खड़ा किया जा सके.