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ज़िंदगी में कई नियम तोड़े हैं उन्मुक्त चंद ने

 गुरुवार, 30 अगस्त, 2012 को 17:50 IST तक के समाचार
उन्मुक्त चंद

उन्मुक्त को इससे पहले परीक्षा में बैठने के लिए अदालत से आदेश लाना पड़ा था

अंडर-19 विश्वकप में भारतीय टीम के कप्तान रहे क्लिक करें उन्मुक्त चंद दिल्ली के सेंट स्टीफन्स के छात्र हैं, लेकिन कॉलेज में हाज़री न पूरी होने के चलते कॉलेज ने उन्हें परीक्षा में बैठने देने से मना कर दिया है.

सेंट स्टीफंस कॉलेज का कहना है कि उन्मुक्त चंद पढ़ाई के दौरान कॉलेज से नदारद रहे और उनकी उपस्थिति न्यूनतम अनिवार्य संख्या से कम है.

यही वजह है कि उन्हें बीए द्वितीय वर्ष की परीक्षा में बैठने की इजाज़त नहीं दी गई है.

इससे पहले भी उनमुक्त इस मसले पर हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटा चुके हैं. कोर्ट के आदेश के बाद वो चार में से दो परीक्षाओं में बैठ पाए थे.

इस बीच क्लिक करें विश्वकप जीतकर दिल्ली स्थित अपने घर पहुंचे उन्मुक्त का शानदार स्वागत हुआ लेकिन कॉलेज से जुड़े इस विवाद को लेकर उनसे कई सवाल पूछे गए.

बीबीसी संवाददाता साइमा इक़बाल से हुई खास बातचीत में उन्मुक्त ने इस विवाद के बारे में तो कुछ नहीं कहा लेकिन बिना इजाज़त घर के सामने मौजूद पार्क में खेलने के सवाल पर तपाक से वो बोले कि 'मैंने ज़िंदगी में कई नियम तोड़े हैं और ये पल हमेशा मेरे साथ रहेंगे'.

पढ़ाई की चिंता

खिलाड़ियों के लिए नियमित पढ़ाई का मसला हमेशा से पेंचीदा रहा है.

विराट कोहली

विराट कोहली के घर वालों को उनकी पढ़ाई की चिंता थी

जहां एक ओर सचिन और धोनी जैसे खिलाड़ियों को खेल में महारत के लिए कम उम्र में ही पढ़ाई-लिखाई से मुंह मोड़ना पड़ा, वहीं गौतम गंभीर जैसे खिलाड़ियों के लिए खेल के साथ कॉलेज की पढ़ाई हमेशा एक मुश्किल भरा रास्ता था. गौतम दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज के छात्र थे.

यहां तक कि भारतीय टीम में अपना लोहा मनवा चुके विराट कोहली की कहानी उनमुक्त चंद से बेहद मिलती जुलती है.

अंडर-19 टीम के कप्तान के तौर पर विश्वकप जीतकर लौटे विराट कोहली की मां से जब किसी ने बेटे की कामयाबी को लेकर सवाल किया तो वो बस इतना ही कह पाईं कि, 'बेटे ने विश्वकप तो जीत लिया है बारहवीं भी पास कर लेता तो बेहद अच्छा रहता.'

इस बीच उनमुक्त से जुड़े मामलो को लेकर उनके पिता भारत चंद ठाकुर का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि स्पोर्ट्स कोटे से एडमिशन मिलने के बाद भी उनके बेटे के साथ ऐसा होगा.

जबकि कॉलेज का कहना है कि स्पोर्ट्स कोटे से एडमिशन लेने वाले छात्र के लिए भी न्यूनतम उपस्थिति ज़रूरी है.

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