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क्या आप खुद को बिजली का झटका देंगे?

 शुक्रवार, 24 अगस्त, 2012 को 08:18 IST तक के समाचार
पैराओलंपिक खेल

क्या आप पैराओलंपिक खेलों में मेडल जीतने के लिए अपना ही अंगूठा तोड़ लेंगे? क्या आप किसी नुकीले हथियार से खुद को चोट पहुंचाएंगे, या फिर खुद अपने ही अंडकोष चबा जाएंगे.

खेल के नियमों के लिहाज़ से तो ये धोखेबाज़ी है, लेकिन पैराओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की जांच करने वाले वैज्ञानिकों के मुताबिक कई खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए खुद को चोट पहुंचाते हैं.

शरीर को चोट पहुंचाकर इस तरह से अपने प्रदर्शन को बेहतर करने की कोशिश को बूस्टिंग कहते हैं जिससे कि खिलाड़ियों का रक्तचाप बढ़ जाता है और प्रदर्शन सुधर जाता है.

क्लिक करें अंतरराष्ट्रीय पैराओलंपिक कमेटी ने इस तरह की बूस्टिंग पर रोक लगा रखी हैं लेकिन जानकारों का कहना हैं कि ये बराबर के मुकाबले में आगे निकलने की लालायित कोशिश है.

"कई बार मैंने अपने अंगूठे और पैर को जानबूझकर बिजली का काफी तेज़ करंट दिया है. इससे मेरा रक्तचाप बढ़ जाता है जिसके बाद मैं जिम में ज्यादा वज़न उठा पाता हूं और अधिक साइकिल चला पाता हूं. "

कनाडा के एथलीट ब्रैड ज़ैनिविस्की

जिम में बूस्टिंग तकनीक का इस्तोमाल कर चुके कनाडा के एथलीट ब्रैड ज़ैनिविस्की लकवे से ग्रैस्त हैं वो कहते हैं, "कई बार मैंने अपने अंगूठे और पैर को जानबूझकर बिजली का काफी तेज़ करंट दिया है. इससे मेरा रक्तचाप बढ़ जाता है जिसके बाद मैं जिम में ज्यादा वज़न उठा पाता हूं और अधिक साइकिल चला पाता हूं"

पैराओलंपिक खेलों को कवर करने वाले ब्रिटेन के एक पत्रकार के मुताबिक कई खिलाड़ी अपना प्रदर्शन बेहतर बनाने के लिए हथौड़ी से अपने अंगूठे पर प्रहार जैसी हरकतें भी करते हैं.

बूस्टिंग का सहारा

जानकारों के मुताबिक शारीरीक रुप से स्वस्थ खिलाड़ी जब कोई खेल खेलते हैं तो उनका रक्तचाप अपने आप बढ़ जाता है, लेकिन जिन खिलाड़ियों की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी हो उन्हें नैसर्गिक रुप से शारीरिक ऊर्जा में इस तरह का उछाल नहीं मिलता.

ज़ैनिविस्की ने एक कार दुर्घटना में लकवा ग्रस्त होने के बाद पर्वतारोहण के अपने शौक को जारी रखने के लिए बूस्टिंग का सहारा लिया. वो कहते हैं, ''मैंने इसके लिए कई तरीके अपनाए. कई घंटों अगर आप शौच न करें तो मूत्र के दबाव से पैदा होने वाला दर्द ये काम कर सकता है. मैंने कई बार अपने अंडकोषों पर बिजली के झटकों का इस्तेमाल भी किया.''

लेकिन इस तरह की गतिविधियों के लिए खिलाड़ियों को बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है. जहां एक ओर बेहद उच्च रक्तचाप शरीर के लिए घातक है वहीं बूस्टिंग पूरी तरह प्रतिंबंधित है.

हालांकि पैराओलंपिक संघ की ओर से कराए गए एक सर्वेक्षण में सामने आया है कि सर्वे में शामिल 17 फीसदी खिलाड़ियों ने बूस्टिंग का सहारा लिया.

जानकारों के मुताबिक पैराओलंपिक में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए खिलाड़ियों के रक्तचाप और उनकी सेहत पर लगातार नज़र रखने की ज़रूरत है. हालांकि इस बारे में अब भी उतनी जागरुकता नहीं जितनी ज़रूरी है.

ज़ैनिविस्की कहते हैं कि किसी दिन खुदा न खास्ता जब कोई खिलाड़ी उच्च रक्तचाप के चलते स्टेडियम में ही ढेर हो जाएगा तब दुनिया की नज़र इस खतरे पर जाएगी.

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