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बाहर हुए मगर अच्छा खेलने की ख़ुशी है: ज्वाला

 बुधवार, 1 अगस्त, 2012 को 13:49 IST तक के समाचार
ज्वाला

ज्वाला ने कहा कि वो इस जीत से काफी खुश हैं

आखिरी मैच में जीत के बावजूद महिला बैडमिंटन के युगल मुकाबलों में ओलंपिक से बाहर हो गईं ज्वाला गुट्टा का कहना है कि उनका ध्यान 'एक-एक अंक पर था' और उन्हें ख़ुशी है कि वे अच्छा खेले.

मैच के बाद भारतीय युगल जोड़ी ने बीबीसी हिंदी से बातचीत में अपने अनुभव साझा किए.

ये पूछे जाने पर कि क्या उन्हें पता नहीं था कि अगले दौर में पहुँचने के लिए उन्हें विरोधी खिलाड़ियों को कितने अंकों के अंतर से हराना है, ज्वाला ने कहा कि इसके बारे में पता तो था लेकिन अगर आप यही सोचते रहे तो अधिक दबाव पड़ता है.

उन्होंने कहा, ''इसके बारे में ज्यादा सोचना भी नहीं चाहिए. इससे खिलाड़ी पर मानसिक दबाव हो जाता है. मुझे पता था कि सीधे सेटों में जीतना है और उन्हें 15 अंकों के आस-पास रखना है.

पूछे जाने पर कि एक समय पर वो काफी आगे थे और फिर उनकी बढ़त कम हो गई तो ज्वाला ने कहा, ''21 अंकों का खेल है. हर कदम फूंक फूंक कर रखना होता है. हम एक-एक अंक पर केंद्रित थे.''

वजह

अश्विनी ने इस बात से इंकार किया कि पिछला मैच हारने की वजह से उन्हें ओलंपिक से बाहर होना पड़ा है.

अश्विनी ने कहा कि ये नहीं पता होता कि कौन-सी टीम कैसा खेलेगी लेकिन फिर भी उन दोनों की जोड़ी बढ़िया खेली.

उन्होंने खास तौर पर ज्वाला की तारीफ की और कहा, ''ज्वाला ने ही सारे अंक लिए और मुझे कुछ ज्यादा करना नहीं पड़ा.''

ज्वाला का भी कहना था कि दोनों ने कुल मिला कर अच्छा खेल खेला. उन्होंने कहा, ''हमारा तालमेल अच्छा था. अश्विनी अच्छा खेल रही थी, मैं भी अच्छा खेल रही थी.''

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