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लंदन रेस करियर की सबसे बड़ी चुनौती: उसैन बोल्ट

 शुक्रवार, 27 जुलाई, 2012 को 10:37 IST तक के समाचार

एक साल पहले मैंने जब उसैन बोल्ट का इंटरव्यू किया था विश्व चैंपियनशिप से पहले. तब वो आत्मविश्वास से लबरेज़ थे और जता रहे थे कि वो बस अब एक मिथक बनने ही वाले हैं.

लेकिन हम सभी को पता है कि उसके बाद क्या हुआ. विश्व चैंपियनशिप में 100 मीटर दौड़ की शुरुआत ही ग़लत हुई और वो डिस्क्वालिफाई कर दिए गए. उनके मिजाज़ पर सवाल भी उठे.

फिर पिछले महीने बोल्ट को जमैका में ही अपने दोस्त और ट्रेनिंग पार्टनर योहान ब्लैक से हार का सामना करना पड़ा.

इतना ही नहीं लंदन के लिए बोल्ट की तैयारियां भी बहुत अच्छी नहीं रही हैं और बोल्ट का कहना है कि वो 100 प्रतिशत फिट नहीं हैं.

लेकिन इन सबके बावजूद बोल्ट बोल्ट हैं. वो दुनिया के सबसे तेज दौड़ने वाले व्यक्ति हैं.

हार से मिली सीख

बीबीसी के लिए जब बोल्ट ने मुझसे बात की तो उन्होंने माना कि फिटनेस 95 प्रतिशत है और मुकाबला कड़ा है.

उसैन बोल्ट

"पिछले दो साल बड़े कठिन रहे हैं. अब मुस्कुराना भी मुश्किल हो रहा है. लंदन में 100 मीटर मेरे जीवन की सबसे बड़ी चुनौती साबित होने वाली है"

बोल्ट का कहना था, ‘‘ पिछले दो साल बड़े कठिन रहे हैं. अब मुस्कुराना भी मुश्किल हो रहा है. लंदन में 100 मीटर मेरे कैरियर की सबसे बड़ी चुनौती साबित होने वाली है.’’

बोल्ट पर निश्चित रुप से लंदन में परफार्म करने का ज़बर्दस्त दबाव है. मैंने बोल्ट से दो बार बातचीत की है लेकिन इस बार वो मुझे बहुत विनम्र लगे. जमैका का राष्ट्रीय झंडा उठाने से एक दिन पहले वो शांत थे और लग रहा था कि उन पर दबाव है.

वो कहते हैं, ‘‘ हारना भी अच्छा होता है. हारने पर आप जीतने के लिए अधिक मेहनत करते हैं. हार ने मेरी आंखें खोली और मैंने कई चीज़ों में सुधार किया है.’’

इस समय 100 मीटर का विश्व रिकार्ड बोल्ट के नाम ही है. चार साल पहले रिकार्ड समय (9.69सेकंड) में गोल्ड जीतने वाले बोल्ड ने अगले ही साल बर्लिन में 9.58 सेकंड में 100 मीटर पूरा कर नया रिकार्ड बना दिया था.

हालांकि लंदन में सबसे अधिक बोल्ट के ही पोस्टर लगे हैं. जमैका की टीम की प्रेस कांफ्रेंस में 300 से अधिक पत्रकार थे और सब बोल्ट को सुनना चाहते थे.

एथलेटिक्स में बोल्ट को वही दर्जा है जो शायद भारत के क्रिकेट में सचिन को. यही कारण है कि बोल्ट की फॉर्म और फिटनेस पर सवाल भी उतने ही उठते हैं.

बोल्ट मानते हैं कि लंदन उनके जीवन की सबसे बड़ी रेस साबित होने वाली है और वो कहते हैं, ‘‘ ये एक ऐसा अनुभव होने वाला है जिसे लोग याद रखना चाहेंगे. लोगों को ये रेस ज़रुर देखनी चाहिए.’’

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