BBC navigation

पहले विकल्प नहीं था, अब है: भूपति

 रविवार, 15 जुलाई, 2012 को 20:16 IST तक के समाचार
भूपति

भूपति का मानना है कि बार बार ओलंपिक में ऐसी टीम भेजने का कोई तुक नहीं है जो कभी मेडल न जीती हो

लंदन ओलंपिक में भारतीय टेनिस टीम से काफी उम्मीदें लगाई जा रही हैं.

वैसे यह टीम आपसी फूट और विवादों के साथ ओलंपिक खेलने जाएगी. जाहिर है कि सभी की निगाहें लिएंडर पेस और महेश भूपति पर रहेंगी. भूपति का मानना है कि पहले भारत के पास विकल्प नहीं था. अब रोहन बोपन्ना अच्छा विकल्प हैं.

बीबीसी के साथ बातचीत में भूपति ने कहा, “पेस और मैंने चार बार ओलंपिक में साथ खेला है. लेकिन हमने कभी कोई मेडल नहीं जीता. यकीनन हमारे पास पहले कोई विकल्प नहीं था. अब रोहन के रूप में हमारे पास बेहतर विकल्प मौजूद है. वह टॉप दस खिलाड़ियों में शामिल हैं. बार-बार ऐसी टीम को भेजना, जो कोई मेडल जीतने में नाकाम रही हो, मेरी नजर में इसका कोई तुक नहीं है.”

भूपति ने कहा कि यह कहना गलत है कि भारतीय टेनिस सिर्फ डबल्स पर ही टिकी है. भूपति पेस के साथ खेलने से साफ तौर पर इनकार कर चुके हैं.

गलत धारणा

"पेस और मैंने साथ में चार बार ओलंपिक में साथ खेला है. लेकिन हमने कभी कोई मेडल नहीं जीता. यकीनन हमारे पास पहले कोई विकल्प नहीं था. अब रोहन के रूप में हमारे पास बेहतर विकल्प मौजूद है. वह टॉप दस खिलाड़ियों में शामिल हैं. बार-बार ऐसी टीम को भेजना, जो कोई मेडल जीतने में नाकाम रही हो, मेरी नजर में इसका कोई तुक नहीं है"

टेनिस स्टार महेश भूपति

उन्होंने कहा, “यह धारणा है कि भारतीय टेनिस सिर्फ डबल्स के कारण ही है. शायद यह मेरे और पेस के कारण बनी है. लेकिन इससे पहले रमानाथन कृष्णन, विजय अमृतराज और रमेश कृष्णन सिंगल्स ही खेलते थे. अब सानिया और सोमदेव सिंगल्स और डबल्स दोनों ही खेलते हैं. ”

रोहन के साथ खेलने को लेकर भूपति काफी आश्वस्त नजर आए.

उन्होंने कहा कि वह पहले भी कई खिलाड़ियों के साथ जोड़ी बना चुके हैं.

उनका मकसद हमेशा बेहतर तालमेल बनाने का होता है.

रोहन से जोड़ी ठीक

भूपति ने कहा, “रोहन और मेरी पार्टनरशिप कामयाब रहेगी. मेरी नजर में किसी के लिए भी अपने पार्टनर की कमजोरी और मजबूती को समझना काफी अहम होता है. रोहन एक अच्छे खिलाड़ी हैं. ”

भूपति ने सीधे शब्दों में कहा कि जोड़ी उन्होंने नहीं बल्कि पेस ने तोड़ी थी. पेस ही अलग होकर किसी युवा के साथ खेलना चाहते थे. इसलिए दोनों नए जोड़ीदार के साथ खेले.

भूपति ने कहा, “विश्व में मेरी रैंकिंग सात है. जाहिर है कि मेरी उम्र मुद्दा नहीं है. बेशक किसी भी खेल में उम्र काफी अहम होती है. लेकिन यह आप पर निर्भर करता है कि आप खुद की फिटनेस पर कितनी मेहनत करते हैं."

भूपति ने कहा कि वह लंदन ओलंपिक को लेकर काफी उत्साहित हैं. उन्हें उम्मीद है कि वह बेहतर प्रदर्शन करेंगे

हर ओलंपिक स्पेशल

"विश्व में मेरी रैंकिंग सात है. जाहिर है कि मेरी उम्र मुद्दा नहीं है. बेशक किसी भी खेल में उम्र काफी अहम होती है. लेकिन यह आप पर निर्भर करता है कि आप खुद की फिटनेस पर कितनी मेहनत करते हैं"

भूपति

भूपति ने कहा, “किसी भी खिलाड़ी के लिए ओलंपिक बहुत बड़ा मौका होता है. ग्रैंड स्लैम हर साल आता है लेकिन ओलंपिक के लिए चार साल इंतजार करना पड़ता है. मेरा यह पांचवां ओलंपिक है. वैसे हर ओलंपिक स्पेशल होता है.”

भूपति ने कहा कि लंदन में काफी भारतीय मूल के लोग हैं और इसका लाभ भारतीय टीम को मिलेगा.

भूपति के अलावा बोपन्ना ने भी पेस के साथ खेलने से मना कर दिया था. पिछले माह यह विवाद मीडिया में छाया रहा. पेस. भूपति और सानिया मिर्जा की ओर से एक के बाद एक काफी कड़े बयान आए थे

लंदन में विंबलडन पुरुष डबल्स के पहले दौर का मैच जीतने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में लिएंडर ने कहा था कि सारे विवाद से उनका दिल जरूर टूटा है, लेकिन वह राजनीति करने नहीं.

सभी के पेस के साथ खेलने से इनकार करने के बाद ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन ने लंदन ओलंपिक के टेनिस डबल्स मुकाबले में दो टीम भेजने का फैसला किया है. लिएंडर पेस को विष्णु वर्धन के साथ खेलना है, जबकि भूपति बोपन्ना के साथ कोर्ट पर उतरेंगे.

भारत के टॉप रैंकिंग खिलाड़ी होने के नाते लिएंडर चाहते थे कि उनकी जोड़ी महेश भूपति या रोहन बोपन्ना के साथ बनाई जाए.

हालाँकि बाद में सानिया मिर्जा ने भी पेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि सिर्फ पेस को मनाने के लिए उनकी और पेस की जोड़ी बनाई गई है.

डबल्स में विष्णु वर्धन के साथ जोड़ी बनाए जाने से नाराज पेस ने ओलंपिक से हटने की धमकी दी थी, क्योंकि रैंकिंग में विष्णु वर्धन उनसे काफी नीचे हैं. लेकिन फिर उन्होंने कहा कि वे विष्णु वर्धन के साथ खेलने को तैयार हैं.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.