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कुछ महीनों में हो सकती है वापसी: युवराज

 बुधवार, 11 अप्रैल, 2012 को 13:44 IST तक के समाचार
माँ शबनम सिंह के साथ युवराज

युवराज के बेहतरीन प्रदर्शन ने भारत को विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी

क्रिकेटर युवराज सिंह ने कहा है कि वह मैदान में लौटने को बेताब हैं और भारत के लिए फिर से खेल सकना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी.

ये पूछे जाने पर कि वह किस तरह की वापसी की उम्मीद कर रहे हैं, युवराज ने कहा, "मेरे लिए मैदान पर वापसी करना ही बड़ी चीज़ होगी क्योंकि भारत के लिए फिर से खेल पाना बड़ी उपलब्धि होगी. फिर क्या होगा ये पता नहीं, आप बतौर खिलाड़ी यही कह सकते हैं कि अपनी कोशिश करूँगा."

युवराज ने बताया कि अभी उन्हें मैदान पर लौटने में कुछ महीनों का समय लग सकता है.

इस समय जारी इंडियन प्रीमियर लीग में उनकी टीम पुणे वॉरियर्स के प्रदर्शन पर उनका कहना था कि वह लंदन में जब थे तो उन्होंने पुणे का मैच देखा था और टीम के अब तक के प्रदर्शन से ख़ुश हैं.

कैंसर का इलाज कराकर नौ अप्रैल को स्वदेश लौटे युवराज ने प्रशंसकों की उम्मीदों पर कहा, "सभी प्रशंसक यही चाहते हैं कि मैं मैदान पर जल्दी लौटूँ मगर वो भी समझेंगे कि मुझे मैदान पर आने में अभी समय लगेगा."

उन्होंने कहा कि अभी ये ज़रूरी है कि वह अपनी सेहत का ख़्याल रखें और जब भी वापसी करें चाहे उसमें एक महीना ज़्यादा ही लग जाए मगर वापसी अच्छी हो.

तेंदुलकर से मुलाकात

समय लगेगा

"सभी प्रशंसक यही चाहते हैं कि मैं मैदान पर जल्दी लौटूँ मगर वो भी समझेंगे कि मुझे मैदान पर आने में अभी समय लगेगा"

युवराज सिंह

युवराज ने बताया, "शुरुआत में ये विश्वास करना मुश्किल था कि मेरे जैसे व्यक्ति को ऐसी बीमारी हो सकती है क्योंकि मैं एथलीट हूँ. छह महीने तो यही नहीं समझ पाया कि मुझे कैंसर है भी या नहीं. विश्व कप के दौरान मुझे बाईं ओर से साँस नहीं आती थी, खांसी रहती थी और कभी-कभी ख़ून भी निकलता था."

उन्होंने बताया कि वह लगातार सचिन तेंदुलकर के साथ इस दौरान संपर्क में रहे. उनका कहना था कि वह भी चाहते थे कि सचिन का सौवाँ अंतरराष्ट्रीय शतक जल्दी लगे.

युवराज के अनुसार जब सचिन उनसे मिलने आए तो उन्हें बेहद ख़ुशी हुई थी.

युवराज के अनुसार, "मैं चाहता था कि जब सचिन सौवाँ शतक लगाएँ तो मैं उस टीम का सदस्य होता मगर दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं हो सका. पूरा देश उनके सौवें शतक की कामना कर रहा था. वो काफ़ी बड़ी उपलब्धि थी और इतना अच्छा खिलाड़ी आपकी टीम का सदस्य हो और आपका अच्छा दोस्त भी हो ये भाग्य की बात है."

विश्व कप में मैन ऑफ़ द सिरीज़ रहे युवराज ने बताया कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग प्रतियोगिता टुअर द फ़्रांस जीतने वाले लान्स आर्मस्ट्रॉन्ग से काफ़ी प्रेरणा मिली.

आईपीएल

पुणे वॉरियर्स

"सौरभ भारत के लिए एक अच्छे कप्तान रहे हैं और उनकी कप्तानी में पुणे अच्छा प्रदर्शन कर रही है. मैं अपनी टीम को मिस कर रहा हूँ और मैं पुणे की टीम को शुभकामनाएँ देता हूँ"

युवराज सिंह

युवराज ने बताया कि उनकी माँ शबनम उनसे ज़्यादा मज़बूत रहीं और उनके प्यार ने युवराज को ठीक करने में अहम भूमिका निभाई.

आईपीएल में सौरभ गांगुली की अगुआई में पुणे के प्रदर्शन पर युवराज का कहना था, "सौरभ भारत के लिए एक अच्छे कप्तान रहे हैं और उनकी कप्तानी में पुणे अच्छा प्रदर्शन कर रही है. मैं अपनी टीम को मिस कर रहा हूँ और मैं पुणे की टीम को शुभकामनाएँ देता हूँ."

उन्होंने बताया कि अभी वह कुछ समय आराम करना चाहेंगे और उसके बाद मई में शायद आईपीएल में पुणे के कुछ मैचों में टीम का उत्साह बढ़ाने जाएँ.

युवराज ने कहा कि वह समझते हैं कि वह अब 20 साल के नहीं हैं इसलिए उन्हें फ़िटनेस पाने में कुछ समय लगेगा मगर उसके लिए वह कड़ी मेहनत करेंगे.

उन्होंने भारत के लिए पिछले कुछ समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे युवा खिलाड़ी विराट कोहली की तारीफ़ करते हुए कहा कि वह काफ़ी अच्छे खिलाड़ी हैं और इस युवा उम्र में उन्होंने सराहनीय प्रदर्शन किया है.

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