सुरेश कलमाडी पर आईओए की टालमटोल जारी

 शुक्रवार, 2 मार्च, 2012 को 14:35 IST तक के समाचार
सुरेश कलमाडी

आईओसी के दबाव के बावजूद सुरेश कलमाडी भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष पद पर बने हुए हैं.

सुरेश कलमाडी भारतीय ओलंपिक संघ, आईओए, के अध्यक्ष हैं या नहीं, इस बारे में असमंजस बरक़रार है और संघ का टाल-मटोल वाला रवैया जारी है.

नई दिल्ली में शुक्रवार को आईओए के कार्यकारी बोर्ड की बैठक के बाद संघ के कार्यकारी अध्यक्ष वीके मल्होत्रा ने प्रेस को बताया कि कलमाडी ने बतौर आईओए अध्यक्ष अपने सभी अधिकार छोड़ दिए हैं.

राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान हुए कथित घोटालों में अभियुक्त करार दिए गए आयोजन समिति के पूर्व चेयरमैन सुरेश कलमाडी को नौ महीने तक जेल में रहने के बाद इस साल जनवरी में ज़मानत मिली थी.

खबरों के मुताबिक़ अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी(आईओसी) ने आईओए से जानकारी मांगी थी कि भारतीय संघ, कलमाडी के मामले में क्या कदम उठा रहा है. आईओसी ने कहा था कि अगर आईओए इस बारे में कुछ नहीं करता, तो उसे ख़ुद ही कोई कदम उठाना पड़ेगा.

शुक्रवार को आईओए ने इस मामले पर चर्चा के लिए कार्यकारी बोर्ड की बैठक बुलाई लेकिन इसमें कलमाडी के ख़िलाफ़ कोई साफ़-साफ़ फ़ैसला नहीं लिया गया.

बाद में प्रेस को संबोधित करते हुए वीके मल्होत्रा ने कहा, "सुरेश कलमाडी ने आईओए को पत्र लिख कर कहा है कि वे बतौर आईओए अध्यक्ष अपने अधिकार और दायित्वों का प्रयोग नहीं करेंगे. बोर्ड ने उनका ये फ़ैसला मान लिया है. बोर्ड ने ये भी तय किया है कि वीके मल्होत्रा आईओए के कार्यकारी अध्यक्ष बने रहेंगे और उनके पास अध्यक्ष के सारे अधिकार होंगे."

उन्होंने आगे कहा, "हमने आईओसी को इस फ़ैसले से अवगत करा दिया है और हम उम्मीद करते हैं कि वो इससे संतुष्ट होंगे.

"बहिष्कार पर फ़ैसला नहीं"

मीडिया में आई इन खबरों के बाद कि डाउ केमिकल्स को लंदन ओलंपिक खेलों का आयोजक बनाने के विरोध के मामले में भारत उद्घघाटन और समापन समारोह का बहिष्कार कर सकता है, वीके मल्होत्रा ने अपनी ओर से स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया गया है.

"सुरेश कलमाडी के आईओए को पत्र लिख कर कहा है कि वे बतौर आईओए अध्यक्ष अपने अधिकार और दायित्वों का प्रयोग नहीं करेंगे. बोर्ड ने उनका ये फ़ैसला मान लिया है. बोर्ड ने ये भी तय किया है कि वीके मल्होत्रा संघ आईओए के कार्यकारी अध्यक्ष बने रहेंगे और उनके पास अध्यक्ष के सारे अधिकार होंगे."

वीके मल्होत्रा, कार्यकारी अध्यक्ष, आईओए

उन्होंने कहा, "मीडिया में ये बातें काफ़ी चल रही थी कि हम उदघाटन और समापन समारोह का बहिष्कार करेंगे. इस बारे में आज बैठक में कोई बात नहीं हुई. लेकिन आईओए ने इस बारे में अभी कोई फ़ैसला नहीं लिया है."

उन्होंने आगे कहा, "इस बारे में हमने सरकार को तीन-चार चिट्ठियां लिखी हैं लेकिन हमारे पास अभी कोई जवाब नहीं आया है. इन पत्रों में भी हम डाउ कैमिकल्स के प्रायोजक बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं. साथ ही हमने सरकार से पूछा है कि क्या उन्होंने भारत में डाउ कैमिकल्स के ख़िलाफ़ कोई कदम उठाया है क्योंकि सारी दुनिया में ये सवाल उठाया जा रहा है."

जवाब का इंतज़ार

उधर भारत सरकार ने कहा है कि डाउ कैमिकल्स को लंदन ओलंपिक खेलों का प्रायोजक बनाए जाने के मामले में उसे आईओसी के जवाब का इंतज़ार है.

डाउ केमिकल्स के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

भारत सरकार ने डाउ केमिकल्स के लंदन ओलंपिक खेलों का आयोजक होने का विरोध किया है.

ग़ौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 24 फ़रवरी को आईओसी को पत्र लिखकर अमरीकन कंपनी डाउ कैमिकल्स को लंदन ओलंपिक्स का प्रायोजक बनाए जाने का विरोध जताया था.

इस पत्र में साफ़ तौर पर कहा गया है कि डाउ कैमिकल्स को ओलंपिक खेलों का प्रायोजक ना बनाया जाए.

खेल मंत्रालय के शुक्रवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया, "भारत सरकार ने जो पत्र लिखा था, अभी आईओसी ने उसका जवाब नहीं दिया है."

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ ने 16 जुलाई 2010 को डाउ के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जिसके अनुसार डाउ अब वर्ष 2020 तक आधिकारिक विश्वव्यापी ओलंपिक पार्टनर बन गया है.

भारत में जुलाई 2010 के बाद से ही इस फैसले के ख़िलाफ़ आवाज़ें उठती रही हैं.

भोपाल गैस पीड़ितों के लिए काम कर रहीं संस्थाओं के अलावा पहले आईओए और हाल में भारतसरकार ने भी आईओसी से डाउ को ओलंपिक खेलों का आयोजक बनाए जाने के विरोध किया है.

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