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भारतीय हॉकी टीम लंदन ओलंपिक में

 सोमवार, 27 फ़रवरी, 2012 को 04:58 IST तक के समाचार

भारतीय हॉकी टीम ने 2012 लंदन ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफाई कर लिया है.

रविवार शाम दिल्ली के मेजरध्यानचंद स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने फ्रांस को 8-1 से मात देते हुए लंदन का टिकट हासिल किया.

फ़ाइनल मुकाबले में भारत के हीरो रहे संदीप सिंह जिन्होने पाँच गोल किए.

मुकाबले के सतरहवें मिनट में बिरेन्द्र लाकड़ा ने गोल कर भारतीय टीम का खाता खोला. इसके बाद पेनलटी कार्नर की मदद से संदीप सिंह ने दो गोल किए. इस तरह भारत पहले हाफ़ तक 3-1 से आगे था.

दूसरे हाफ़ में भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा और भारत ने दूसरे हाफ़ में पांच गोल किए जिसमें संदीप सिंह के तीन गोल के अलावा सुनिल और रघुनाथ रामचन्द्र का एक-एक गोल शामिल था.

गोल

लक्ष्य और भी हैं

"इस जीत का मतलब ये नहीं हैं कि हम वहां सिर्फ ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने जा रहे हैं. हमारी कोशिश होगी की हम लंदन में मेडल लेकर आए और अब हम इसके लिए तैयारी करेंगें"

भरत छेत्री, भारतीय हॉकी कप्तान

संदीप सिंह ने इस पूरे टूर्नामेंट में कुल सात मुकाबलों में 16 गोल किए और वो सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी रहे.

भारतीय टीम के लिए नेशनल स्टेडियम में समर्थकों की कोई कमी नहीं थी और एक लंबे समय बाद स्टेडियम पूरा भरा हुआ दिखाई दे रहा था.

मुकाबले के बाद टीम के कप्तान भरत छेत्री ने कहा कि ये तो शुरुवात भर है, “लंदन ओलंपिक में खेलने के लिए ये जीत ज़रुरी थी लेकिन इसका मतलब ये नहीं हैं कि हम वहां सिर्फ ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने जा रहे हैं. हमारी कोशिश होगी की हम लंदन से मेडल लेकर आएं और अब हम इसके लिए तैयारी करेंगें.”

भरत छेत्री ने कहा कि इस श्रंखला में उनपर दबाव नहीं था क्योंकि उन्हें अपनी टीम पर पूरा भरोसा था. भरत ये भी कहते हैं कि इस आत्मविश्वास के लिए कहीं ना कहीं विरोधी टीमों की कम रैकिंग भी जिम्मेदार थी.

काला दिन

संदीप सिंह

संदीप सिंह ने पांच गोल दाग़े.

संदीप सिंह की तारीफ़ करते हुए भरत छेत्री ने कहा, “ संदीप सिंह का फ़्लिक विश्व का सबसे बेहतर फ़्लिक है. मैंने आपसे पहले भी कहा था कि संदीप डबल हैट्रिक मारेंगे और आप देखिए आज उन्होने पांच गोल मारे हैं.”

वहीं इस मुकाबले के मैन ऑफ़ द मैच रहे संदीप सिंह ने इस मुकाबले के बाद कहा, “पिछली बार हम जब बीजिंग के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाए थे तो वो हमारे लिए काला दिन था. आज हमने उस काले दिन को सफेद कर दिया. हमारी कोशिश होगी की हम लंदन में बेहतर खलें.”

सदींप सिंह ने ये भी कहा कि ये जीत भारतीय हॉकी के घावों पर मरहम है.

इस जीत के बाद हॉकी इंडिया ने भारतीय टीम के कर खिलाड़ी को एक एक लाख रुपये ईनाम देने की घोषणा की है. साथी ही टीम के स्पोर्टस स्टाफ़ को पचास पचास हज़ार रुपये दिए जाएंगे.

श्रंखला में सफर

भारत ने फाइनल में पहुंचने से पहले पांच लीग मुकाबले खेल और पाचों मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की. फाईनल मुकाबले से पहले भारत ने पांच मैचों में कुल 36 गोल किए.

लीग मुकाबलों में भारत ने सिंगपुर को 15-1 से हराया था, इटली को 8-1 से, फ्रांस के 6-2 से, कनाड़ा को 3-2 से और पोलैंड को 4-2 से मात दी थी.

गौरतलब है कि भारत 2008 बीजिंग ओलंपिक खेलों में 'प्रवेश' भी नहीं कर पाया था.

इससे पहले भारत ने ओलंपिक खेलों में आठ स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं. लेकिन पिछले काफी समय से भारत में हॉकी का स्तर नीचे गिरा हैं.

जानकार उम्मीद जता रहे हैं कि ये जीत भारतीय हॉकी को दौबारा लय पकड़ने में मदद करेगी.

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