bbc.co.uk navigation

सचिन के शतक से ज़रुरी टीम की जीत: गंभीर

 रविवार, 22 जनवरी, 2012 को 13:06 IST तक के समाचार

चौथे टेस्ट में सचिन और द्रविड़ के अलावा लक्ष्मण पर भी दबाव रहेगा

भारत के सलामी बल्लेबाज़ गौतम गंभीर का कहना है कि एडिलेड में टीम जीतना चाहती है और सचिन तेंदुलकर के शतक से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है टीम का जीतना.

एडिलेड में सिरीज़ का आखिरी टेस्ट मैच मंगलवार से खेला जाएगा. ऑस्ट्रेलिया ने पहले तीन मैचों में आसान जीत हासिल की है औऱ सिरीज़ में 3-0 से आगे है.

जब से भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में ये सिरीज़ खेलने आई है, शायद ही ऐसा कोई संवाददाता सम्मेलन हो जिसमें घरेलू मीडिया ने सचिन तेंदुलकर के सौवें शतक के बारे में कोई सवाल नहीं पूछा है, और इससे जुड़े दबाव के बारे में न जानना चाहा है.

यही सवाल रविवार को फिर पहले माइक हसी औऱ बाद में गौतम गंभीर से पूछा गया.

गौतम गंभीर

"सचिन के सौवें शतक से ज़्यादा मैं चाह रहा हूं कि भारत ये मैच जीते. अगर सचिन शतक न बनाए और भारत मैच जीतकर सिरीज़ को 3-1 कर दे, तो वो मेरे लिए ज़्यादा संतोषजनक नतीजा रहेगा"

इस सवाल के जवाब में गौतम गंभीर ने कहा, “सचिन के सौवें शतक से ज़्यादा मैं चाह रहा हूं कि भारत ये मैच जीते. अगर सचिन शतक न बनाए और भारत मैच जीतकर सिरीज़ को 3-1 कर दे, तो वो मेरे लिए ज़्यादा संतोषजनक नतीजा रहेगा.”

वहीं माइक हसी ने कहा कि सचिन के फॉर्म में कोई कमी नहीं नज़र आ रही है और वो बढ़िया बल्लेबाज़ी कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, “अगर आप सिरीज़ में सचिन की बल्लेबाज़ी देखें तो पाएंगे कि उनका फुटवर्क बहुत अच्छा चल रहा है और वो गेंद को बल्ले के बीचोंबीच हिट कर रहे हैं. ज़हां तक सौवें शतक के दबाव की बात है तो मैनें 99 शतक नहीं मारा है कि उसपर कोई टिपण्णी कर सकूं. ये एक अच्छा दबाव है और मैं भी इस दबाव में आना चाहूंगा.”

सिरीज़ में भारतीय बल्लेबाज़ों के खराब प्रदर्शन की जमकर आलोचना हो रही है, खासकर तेज़ पिचों पर उनकी असफलता पर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने खूब लिखा है.

गौतम गंभीर का कहना है कि विदेशी दौरे पर घरेलू टीम अपने फ़ायदे की पिच बनाती है और भारत को भी स्पिनरों को मदद देने वाली पिच बनानी चाहिए.

उन्होंने कहा, “इंग्लैड, दक्षिण अफ्रीका या ऑस्ट्रेलिया में हमें तेज़ पिच मिलती है जो घरेलू टीमों का मज़बूत पक्ष है. हमें भी इन टीमों के लिए घूमने वाली पिच बनानी चाहिए. तभी उनकी भी असली परीक्षा होगी कि उनकी तकनीक कैसी है और वो मानसिक रूप से कितने मज़बूत हैं.”

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2012 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.