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मेलबर्न में भी मिली निराशा ही...

 मंगलवार, 27 दिसंबर, 2011 को 15:00 IST तक के समाचार
क्रिकेट

सचिन तेंदुलकर एक बार फिर सौंवा शतक बनाने से चूक गए.

सचिन तेंदुलकर के सौवें शतक का इंतज़ार कर रहे दर्शकों को मंगलवार को एक बार फिर निराशा हाथ लगी.

ऑस्ट्रेलिया के साथ मेलबर्न टेस्ट के दूसरे दिन दर्शक सचिन के शतक का इंतज़ार कर रहे थे. सचिन बेहतरीन फ़ॉर्म में खेल भी रहे थे और उन्होंने मैदान के चारों तरफ़ लाजवाब शॉट्स लगाए. लेकिन जब लग रहा था कि सचिन का महीनों का इंतज़ार ख़त्म होगा, तब वो 73 रन बनाकर पवेलियन लौट गए.

लेकिन पूरे दिन के खेल में भारतीय टीम हावी रही. दिन का खेल ख़त्म होने तक भारत ने तीन विकेट पर 214 रन बना लिए. भारत अभी 119 रन पीछे है और उसके सात विकेट बचे हुए हैं.

ऑस्ट्रेलियाई पारी

इससे पहले खेल के दूसरे दिन ऑस्ट्रेलियाई टीम की पहली पारी 333 रनों पर सिमट गई.

दूसरे दिन सुबह ज़हीर खान ने सबसे पहले हैडिन को 27 रन पर आउट किया. पीटर सिडल ने 41 रनों की पारी खेली लेकिन वो भी ज़हीर खान का शिकार बने. अश्विन ने अंतिम दो विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को एक सम्मानजनक स्कोर पर रोक दिया.

भारत की ओर से ज़हीर ख़ान ने चार, अश्विन और उमेश यादव ने तीन-तीन विकेट लिए.

ऑस्ट्रेलिया की तरफ़ से एड कॉवन ने 68 और रिकी पॉन्टिग ने 62 रन बनाए.

भारतीय पारी

भारत के लिए शुरुआत अच्छी नहीं रही और गौतम गंभीर सिर्फ़ तीन रन बनाकर पवेलियन लौट गए.

वीरेंदर सहवाग चिर-परिचित अंदाज़ में खेल रहे थे. वो ख़राब गेंद को बाउंड्री का रास्ता दिखाना नहीं भूल रहे थे लेकिन साथ में ही वो कुछ अच्छी गेंदो के साथ छेड़खानी भी कर रहे थे.

क़िस्मत उनके साथ थी और उन्हें अपनी पारी में तीन जीवनदान मिले. लेकिन आख़िरकार सहवाग 67 रन बनाकर पैटिंसन की गेंद पर बोल्ड आउट हुए.

दूसरे दिन के खेल का सबसे यादगार प्रदर्शन रहा इसके बाद खेलने वाली राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर की जोड़ी की.

दोनों ने साथ मिलकर 19 बार सौ से ज़्यादा की साझेदारी निभाई है और मेलबर्न में एक और जुड़ने वाली थी.

द्रविड़ और तेंदुलकर ने जैसे कलात्मक बल्लेबाज़ी का समा बांध दिया. जहां द्रविड़ हर गेंद को देख-संभल कर खेल रहे थे, सचिन तेंदुलकर का मूड आक्रामक था.

शतक का इंतज़ार

राहुल द्रविड़

राहुल द्रविड़ को सिडल की गेंद पर जीवनदान मिला.

चाय के बाद एक तेज़ गेंदबाज़ की पहली ही गेंद को सचिन ने स्लिप के ऊपर से छक्का मार कर अपनी मंशा ज़ाहिर कर दी. उसके बाद उन्होंने बेहतरीन ड्राईव लगाए और अपना अर्धशतक पूरा किया.

सचिन ने 50 रन केवल 55 गेंदों में बनाए जिसमें एक छक्का और छह चौके शामिल थे.

मेलबर्न के मैदान पर पचास हज़ार से ज़्यादा दर्शकों को अब बस सचिन के शतक का ही इंतज़ार था. लेकिन पीटर सिडल की एक गेंद को सचिन समझ नहीं सके और 73 रनों के निजी स्कोर पर आउट हो गए.

द्रविड़ ने भी अर्द्धशतक पूरा किया और नाबाद रहे. हालांकि सिडल की एक गेंद पर वो आउट हो गए थे, लेकिन वो एक नो बॉल होने की वजह से उन्हें जीवनदान मिल गया.

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