bbc.co.uk navigation

डाओ लंदन ओलंपिक से विज्ञापन हटाने के लिए तैयार

 सोमवार, 19 दिसंबर, 2011 को 00:52 IST तक के समाचार
डाओ केमिकल्स का विरोध

डाओ केमिकल्स का दुनिया भर में विरोध हुआ है

लंदन से प्रकाशित संडे एक्सप्रेस के अनुसार डाओ केमिकल्स 2012 में लंदन ओलंपिक स्टेडियमों से अपने विज्ञापन हटाने के लिए तैयार हो गया है.

भारतीय ओलंपिक संघ का कहना है कि वो डाओ के इस कदम से संतुष्ट नही है और चाहता है कि डाओ लंदन ओलंपिक खेलों के प्रायोजकों से हट जाए.

समाचार ऐजेंसी पीटीआई के मुताबिक डाओ ने कहा है कि वो प्रायोजक के तौर पर स्टेडियम के चारों ओर लगने वाले पर्दानुमा स्टाइल से ढकने वाली पट्टी में अपने ब्रांड का नाम लगाने के अधिकार को ख़त्म करने पर सहमत हो गया है.

भारत में भोपाल गैस कांड से जुड़े लोग नही चाहते हैं कि ये अमरीकी कंपनी ओलंपिक खेलों को प्रायोजित करे.

इस अमरीकी कंपनी डाओ को आयोजन समिति के चेयरमैन सेबेस्टियन की आयोजन समिति ने अगस्त में लंदन 2012 खेलों का प्रायोजक बनाया था.

लोगो नही होगा

डाओ के प्रवक्ता स्कॉट व्हीलर के हवाले से ब्रिटेन के अख़बार संडे एक्सप्रेस ने कहा है कि डाओ और आयोजन समिति के बीच समझौता पांच टेस्ट पैनल की ब्रांडिंग तक सीमित था. इसे खेलों से पहले हटा लिया जाएगा और यह अंतिम डिज़ाइन का हिस्सा नहीं होगा.

विजय कुमार मल्होत्रा,कार्यकारी अध्यक्ष

"मुझे पता नहीं है कि इसका असली मतलब क्या है .आईओए लंदन ओलंपिक के प्रायोजन से डाओ कैमीकल को पूरी तरह से हटाने की अपनी मांग पर बना रहेगा."

इस ख़बर पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय ओलंपिक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने पीटीआई से कहा है कि उन्हें पता नहीं है कि इसका असली मतलब क्या है और कहा कि आईओए लंदन ओलंपिक के प्रायोजन से डाओ कैमीकल को पूरी तरह से हटाने की अपनी मांग पर बना रहेगा.

भारत में भोपाल गैस त्रासदी के लिए ज़िम्मेदार डाओ केमिकल्स को लंदन ओलंपिक का प्रायोजक बनाए जाने का 'कड़ा विरोध' विरोध हो रहा है.

भोपाल गैस पीड़ितों ने 11 हज़ार हस्ताक्षरों के एक ज्ञापन के साथ डाओ केमिकल्स को ओलंपिक का प्रायोजक बनाए जाने का विरोध किया है

दुनिया के कई संगठनों और कई नामचीन व्यक्तियों ने डाओ केमिकल्स को लंदन ओलंपिक का प्रायोजक बनाए जाने का विरोध किया है.

1984 में भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड संयंत्र में ज़हरीली गैस रिसने से हज़ारों लोगों की मौत हो गई थी और दसियों हज़ार इससे बुरी तरह से प्रभावित हुए थे.

डाओ केमिकल्स ने बाद में इस कंपनी को ख़रीद लिया था और उस पर अभियोग है कि वह इस त्रासदी के लिए ज़िम्मेदारी लेते हुए पर्याप्त मुआवज़ा भी नहीं दे रहा है.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

BBC © 2012 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.