कलमाड़ी को सीबीआई ने गिरफ़्तार किया

सुरेश कलमाड़ी

कलमाड़ी इससे पहले भी दो बार सीबीआई के सामने पेश हो चुके हैं

केंद्रीय जाँच ब्यूरो ने राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में आयोजन समिति के पूर्व प्रमुख सुरेश कलमाड़ी को गिरफ़्तार कर लिया है और उन्हें मंगलवार को पटियाला हाउस अदालत में सीबीआई के विशेष जज के सामने पेश किया जाएगा.

भारतीय मीडिया में उनकी गिरफ़्तारी और उसकी संभावनाओं से जुड़ी अटकलें सुबह से ही तेज़ थी मगर ब्यूरो ने दोपहर बाद इसकी पुष्टि की.

सीबीआई ने ये गिरफ़्तारी टीएसआर यानी टाइम, स्कोर और नतीजे दिखाने वाले उपकरणों की एक स्विस कंपनी से बढ़े हुए दाम पर ख़रीद के मामले में की है.

सीबीआई प्रवक्ता के अनुसार, "स्विट्ज़रलैंड की एक निजी कंपनी को टाइम, स्कोर और नतीजे दिखाने वाले उपकरण के लिए पक्षपातपूर्ण ढंग से बढ़ी हुई क़ीमत पर 141 करोड़ रुपए में कॉन्ट्रैक्ट देने के आरोप में सीबीआई ने राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के पूर्व अध्यक्ष को गिरफ़्तार कर लिया है"

आयोजन समिति के अधिकारियों पर आरोप हैं कि उन्होंने स्विटज़रलैंड की एक निजी कंपनी के साथ मिलकर ये षड्यंत्र रचा जिसमें बाक़ी कंपनियों को ग़लत ढंग से टेंडर से रोका गया और उस प्रक्रिया से अलग किया गया

सीबीआई प्रवक्ता

प्रवक्ता ने बताया, "आयोजन समिति के अधिकारियों पर आरोप हैं कि उन्होंने स्विटज़रलैंड की एक निजी कंपनी के साथ मिलकर ये षड्यंत्र रचा जिसमें बाक़ी कंपनियों को ग़लत ढंग से टेंडर से रोका गया और उस प्रक्रिया से अलग किया गया."

और मुश्किलें

कलमाड़ी तीसरी बार सीबीआई के सामने पेश हुए और वह लगातार ऐसे सभी आरोपों से इनकार करते रहे हैं जिनमें उनका नाम घोटाले में जोड़ा गया है.

इससे पहले खेल मंत्री अजय माकन ने कहा था कि अगर कलमाड़ी की गिरफ़्तारी होती है तो मंत्रालय भारतीय ओलंपिक महासंघ को पत्र लिखकर नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए कहेगा.

कलमाड़ी अब भी भारतीय ओलंपिक महासंघ के अध्यक्ष हैं और उस पद से उन्हें सरकार के हस्तक्षेप से नहीं हटाया जा सकता. इसके लिए भारतीय ओलंपिक संघ को कार्रवाई करनी होगी और उस पर सरकार दबाव नहीं बना सकती है.

इधर विपक्षी दलों ने अब फिर सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है. उनका कहना है कि सिर्फ़ कलमाड़ी को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है जबकि इन खेलों के आयोजन के लिए काफ़ी पैसा दिल्ली सरकार और केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भी दिया गया था.

बैटन के साथ कलमाड़ी

क्वींस बैटन रिले की शुरुआत के मौक़े पर लंदन में हुए कार्यक्रम से जुड़े कुछ आरोप भी कलमाड़ी पर हैं

विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने तो प्रधानमंत्री कार्यालय को भी ये कहते हुए कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की है कि प्रधानमंत्री ने अपनी पहल पर कई अधिकारियों को खेलों की देख-रेख के लिए नियुक्त किया था और धन उनके हस्ताक्षर के बाद ही ख़र्च हुआ है.

अन्य आरोप

कलमाड़ी पर एक और आरोप एएम फ़िल्म्स और एएम कार ऐंड वैन हायर लिमिटेड को क्वींस बैटन रिले की शुरुआत के मौक़े पर लंदन में हुए कार्यक्रम के लिए पैसा देने से जुड़ा है.

इसके तहत कहा जा रहा है कि आयोजन समिति ने बिना कोई कॉन्ट्रैक्ट साइन किए ही उस कंपनी को लंदन में आयोजन का काम सौंप दिया था.

इस मामले में जाँच के लिए सीबीआई की एक टीम पिछले दिनों लंदन गई थी और माना जा रहा है कि वहाँ से वो टीम और जानकारी जुटाकर लाई है.

जनवरी में खेल मंत्रालय ने कलमाड़ी को आयोजन समिति के अध्यक्ष के पद से बर्ख़ास्त कर दिया था और उसके बाद इन मामलों में आयोजन समिति के महानिदेशक वीके वर्मा और महासचिव ललित भनोट भी गिरफ़्तार हो चुके हैं.

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