इमरान ख़ान आजीवन प्रतिबंध के ख़िलाफ़

इमरान ख़ान

इमरान ख़ान के नेतृत्व में पाकिस्तान ने 1992 में क्रिकेट विश्व कप जीता था.

क्रिकेट की जानी मानी हस्ती और पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान ख़ान स्पॉट फ़िक्सिंग मामले में आजीवन प्रतिबंध के ख़िलाफ़ हैं.

उन्होंने कहा है कि जिन पाकिस्तानी खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ स्पॉट फ़िक्सिंग का इल्ज़ाम है अगर वे दोषी पाए जाते हैं तो भी उन पर आजीवन प्रतिबंध नहीं लगाना चाहिए.

हालांकि कुछ क्रिकेट अधिकारियों ने उन खिलाड़ियों पर आजीवन प्रतिबंध की मांग की है ताकि ये अन्य खिलाड़ियों के लिए एक सबक़ हो.

फ़िलहाल इस सिलसिले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट संघ यानी आईसीसी ने स्पॉट फ़िक्सिंग मामले में जांच पूरी होने तक पाकिस्तान के तीन खिलाड़ी सलमान बट्ट, मोहम्मद आसिफ़ और मोहम्मद आमिर को वनडे मैच खेलने से मना कर दिया है.

मेरे हिसाब से जब किसी पर इस तरह का बड़ा आरोप लगता है तो उसे उस समय तक नहीं खेलना चाहिए जबतक कि वह उन इल्ज़ाम से बरी नहीं हो जाते

इमरान ख़ान, पूर्व कप्तान पाकिस्तान

बीबीसी से बात करते हुए इमरान ख़ान ने कहा, " क्रिकेट में दो प्रकार के भ्रष्टाचार है, एक मैच फ़िक्सिंग है जिसमें सटोरियों से पैसा लेकर मैच हार दिया जाता है और जो कोई उसमें शामिल हो, उस पर आजीवन पाबंदी लगा देना चाहिए."

उन्होंने आगे कहा, " दूसरा भ्रष्टाचार है स्पॉट फ़िक्सिंग. और मेरे ख़याल से दोनों में बड़ा फ़र्क़ है. पहला दूसरे के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा बड़ा अपराध है क्योंकि पहले अपराध में आप पैसे के लिए मैच हार कर अपने देश के साथ ग़द्दारी करते हैं और इसके लिए आजीवन प्रतिबंध होना चाहिए."

उन्होंने दलील दी, " लेकिन जहां तक स्पॉट फ़िक्सिंग का मामला है तो ऐसे में आप सांकेतिक सज़ा दे सकते हैं क्योंकि जुर्म आख़िर जुर्म होता है. इसके लिए खिलाड़ियों पर ज़बर्दस्त आर्थिक जुर्माने के साथ कुछ समय के लिए उसके खेलने पर भी पाबंदी लगा देनी चाहिए."

मीडिया से अपील

बट, आसिफ़, आमिर

बट, आसिफ़, आमिर पर स्पॉट फ़िक्सिंग के आरोप हैं

उधर सट्टेबाज़ी के आरोप में पाकिस्तान के तीनों क्रिकेट खिलाड़ी सलमान बट, मोहम्मद आसिफ़ और मोहम्मद आमिर ने कहा के वे पुलिस जांच के संतोषजनक नतीजे आने की उम्मीद रखते हैं.

तीनों ने बयान में कहा है कि वे 'पुलिस और क्रिकेट अधिकारियों के साथ सहयोग करते रहेंगे'. ये बयान उनके वकील के ज़रिए जारी किया गया है.

उन्होंने कहा है कि 'उन्हें उम्मीद है कि मीडिया उनके न्यायोचित सुनवाई के हक़ का आदर करेगा.'

लेकिन इमरान ख़ान ने इन खिलाड़ियों के विरुद्ध आईसीसी के तत्कालिक फ़ैसले को सही ठहराया है.

इमरान ख़ान ने कहा, " ये फ़ैसला दो कारणों से सही था. एक ये कि इस तरह के दबाव में उन खिलाड़ियों के लिए खेलना नामुमकिन होता. मेरे हिसाब से दूसरे इसलिए भी कि जब किसी पर इस तरह का बड़ा आरोप लगता है तो उसे उस समय तक नहीं खेलना चाहिए जब तक कि वे उन इल्ज़ामों से बरी नहीं हो जाते."

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