
फ़ारुक़ अब्दुल्ला ने फ़ैसले के लिए ज़िम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख़्त क़दम उठाने की माँग की है
जम्मू कश्मीर में सुरक्षा कारणों से रणजी ट्रॉफ़ी का मैच नहीं खेलने के सर्विसेज़ टीम के फ़ैसले के बाद टीम को टूर्नामेंट के बाक़ी मैचों से प्रतिबंधित कर दिया गया है.
सर्विसेज़ की टीम को मंगलवार को श्रीनगर में रणजी ट्रॉफ़ी का पहला मैच खेलना था मगर टीम सुरक्षा का हवाला देते हुए मैच के लिए पहुँची ही नहीं.
इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी ने बीबीसी को बताया, "सर्विसेज़ को बाक़ी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के अयोग्य क़रार दे दिया गया है."
सर्विसेज़ की टीम के इस फ़ैसले के बारे में पूछे जाने पर शेट्टी ने कहा, "उन्होंने ये फ़ैसला क्यों किया इस पर हमारे, सर्विसेज़ और जम्मू-कश्मीर टीम के बीच बात हुई है और उसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता."
उधर मुक़ाबले के लिए सर्विसेज़ की टीम के नहीं पहुँचने पर जम्मू-कश्मीर क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर फ़ारुक़ अब्दुल्ला ने बेहद नाराज़ग़ी व्यक्त करते हुए मसला प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह और रक्षा मंत्री एके एंटनी के सामने उठाने की बात कही है.
सर्विसेज़ की टीम रक्षा मंत्रालय के नियंत्रण में आती है.
'सख़्त क़दम उठाया जाए'
बीबीसी से बातचीत में डॉक्टर अब्दुल्ला ने कहा, "मैं ये मुद्दा प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के सामने उठाने वाला हूँ और जो लोग भी इस फ़ैसले के पीछे हैं उनके विरुद्ध सख़्त क़दम उठाया जाना चाहिए."
मैं ये मुद्दा प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के सामने उठाने वाला हूँ और जो लोग भी इस फ़ैसले के पीछे हैं उनके विरुद्ध सख़्त क़दम उठाया जाना चाहिए
फ़ारुक़ अब्दुल्ला, अध्यक्ष-जम्मू कश्मीर क्रिकेट बोर्ड
उनका कहना था, "यहाँ हालात बहुत अच्छे हैं और मुझे समझ नहीं आता कि उन्होंने ये फ़ैसला कैसे किया."
डॉक्टर अब्दुल्ला ने बाक़ी टूर्नामेंट से सर्विसेज़ की टीम को बाहर करने के बीसीसीआई के फ़ैसले पर ख़ुशी जताई.
उन्होंने कहा, "अपनी ही टीम ऐसा फ़ैसला करे ये बहुत ही अफ़सोसजनक फ़ैसला है. जबकि प्रधानमंत्री यहाँ आए, सोनिया जी यहाँ आईं उसके बाद भी ऐसा क़दम उठाना काफ़ी आश्चर्यजनक फ़ैसला है."













