
ब्रिटेन की महारानी बैटन को भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को सौंपेगी
भारतीय राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के हाथों गुरूवार को क्वींस बैटन ग्रहण करने के साथ ही दिल्ली में 2010 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों का सफ़र शुरु हो गया.
ये समारोह लंदन के ऐतिहासिक बकिंघम पैलेस में आयोजित किया गया.
महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय ने राष्ट्रमंडल खेलों का बैटन भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को सौंपा.
इसके बाद भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी ने इसे बीजिंग ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय अभिनव बिंद्रा को सौंपा.
इसके साथ ही राष्ट्रमंडल खेलों की एक तरह से शुरुआत हो गई.
बैटन का सफ़र
क्वींस बैटन रिले राष्ट्रमंडल खेलों की सबसे पुरानी परंपरा है.
बैटन रिले 340 दिन के राष्ट्रमंडल देशों के अपने अंतरराष्ट्रीय सफ़र में कुल एक लाख 90 हज़ार किलोमीटर का सफ़र तय करेगी.
बैटन रिले एक लाख 70 हज़ार किलोमीटर का तय करने के बाद 25 जून का वाघा सीमा के जरिए भारत में प्रवेश करेगी.
भारत में बैटन रिले का कुल सफ़र 20 हज़ार किलोमीटर का होगा जो किसी मेजबान देश में अब तक का बैटन रिले का सर्वाधिक लंबा सफ़र है.
बैटन रिले भारत में 27 राज्यों और सात केंद्रशासित प्रदेशों से गुजरेगी.
लंदन में क्वींस बैटन रिले में भारत के 35 सदस्यों ने हिस्सा लिया.
इनमें अभिनव बिंद्रा के अलावा बीजिंग ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार और मुक्केबाज़ विजेंदर सिंह, 1958 राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण विजेता मिल्खा सिंह और ओलंपियन गुरबचन सिंह रंधावा, 1983 की विश्वकप विजेता क्रिकेट टीम के कप्तान कपिल देव, 2000 सिडनी ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी, टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा और हॉकी खिलाडी दिलीप टिर्की शामिल हैं.
भारत में आगमन के बाद बैटन रिले सौ दिन तक पूरे देश का भ्रमण करेगी और एक अक्तूबर, 2010 को राजधानी दिल्ली पहुँचेगी.
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में तीन अक्टूबर से 19वें राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन होना है.












