
भारत ने वर्ल्ड चैंम्पियन के ख़िलाफ़ बड़ी जीत हासिल की
भारत ने नागपुर वनडे में ऑस्ट्रेलिया को 99रनों से हरा कर सिरीज़ में बराबरी कर ली है.
नागपुर में खेले गए दूसरे वनडे मैच में भारत की ओर से रखे गए 355 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही ऑस्ट्रेलियाई टीम 255 रन बनाकर ऑल आउट हो गई.
वडोदरा में खेले गए पहले वनडे में भारत चार रनों से हार गया था. सिरीज़ का अगला मुक़ाबला 31 अक्तूबर को दिल्ली में खेला जाएगा.

धोनी ने बहुत दिनों बाद यादगार पारी खेली
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की शतकीय पारी के बूते मेज़बान टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया जिसके आगे मेहमान टीम के बल्लेबाज़ दबाव में आ गए और माइक हसी को छोड़ कर कोई भी बल्लेबाज़ कुछ ख़ास नहीं कर सका.
धुआँधार बल्लेबाज़ी से टीम की जीत तय करने वाले धोनी मैन ऑफ़ द मैच चुने गए.
माइकल हसी ने सबसे ज्यादा 53 रनों का योगदान दिया. उन्हें रवींद्र जडेजा ने बोल्ड किया.
कप्तान पोंटिंग भी कोई कमाल नहीं दिखा पाए और 12 रन बनाकर प्रवीण कुमार का शिकार बने.
हसी और पोंटिंग के जाने के बाद ऑस्ट्रेलियाई उम्मीदें धुंधली हो गईं. इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए मेहमान टीम का कोई भी दो बल्लेबाज़ बड़ी साझीदारी नहीं कर सका.
दूसरी ओर भारतीय गेंदबाज़ी और फ़ील्डिंग स्तरीय रही. रवींद्र जडेजा ने हसी, वोग्स और शॉन मार्श का विकेट लिया. ईशांत शर्मा और प्रवीण कुमार ने भी अच्छी गेंदबाज़ी की.
ख़राब शुरुआत

कप्तान पोंटिंग बल्ले से कोई कमाल नहीं दिखा सके.
ऑस्ट्रेलिया का पहला विकेट 20 रन के स्कोर पर गिरा. टिम पैने को प्रवीण कुमार ने बोल्ड किया. पैने ने 14 गेंदों का सामना करते हुए आठ रन बनाए.
मैच में अपना पहला ओवर फेंकने आए इशांत शर्मा ने पहली ही गेंद पर शेन वॉटसन को सचिन तेंदुलकर के हाथों कैच करवाया. वॉटसन ने 26 गेंदों का सामना करते हुए 19 रन बनाए.
ऑस्ट्रेलिया को तीसरा झटका प्रवीण कुमार ने दिया. उन्होंने रिकी पोंटिंग को 12 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर एलबीडब्लू आउट करवाया. पोंटिंग ने 16 गेंदों का सामना किया.
दिन-रात के इस मैच में टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने भारत को पहले बल्लेबाज़ी करने के लिए आमंत्रित किया था.
भारत की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही. चौथे ओवर की तीसरी गेंद पर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर चार रन के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट हो गए. सिडिल की गेंद पर उनका कैच व्हाइट ने लपका.
भारतीय पारी
सचिन के आउट होने के बाद बल्लेबाज़ी करने आए गौतम गंभीर और वीरेंदर सहवाग ने पारी को संवारना शुरू किया लेकिन ग्वारहवें ओवर में सहवाग 40 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट हो गए. जॉनसन की गेंद पर उनका कैच बेन हिलफेनहॉस ने लपका.
भारत का तीसरा विकेट युवराज सिंह के रूप में गिरा. उन्होंने 24 गेंदों का सामना करते हुए 23 रन बनाए. उन्हें बेन हिलफेनहॉस ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट किया.
भारत का चौथा विकेट गौतम गंभीर के रूप में गिरा. गंभीर ने 80 गेंदों का सामना करते हुए 76 रन बनाए और रनआउट हो गए. अपनी पारी में गंभीर ने छह चौक्के लगाए.
गंभीर के आउट होने के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मोर्चा संभालने आए. धोनी ने शानदार खेल दिखाते हुए एकदिवसिय मैंचों में अपना पाँचवां शतक जमाया.
धोनी का शतक
धोनी ने 124 रन की अपनी पारी में नौ चौक्के और तीन छक्के लगाए. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ किसी भारतीय कप्तान की ओर से बनाया गया यह अबतक का सबसे बड़ा स्कोर है.

सुरेश रैना ने धोनी के साथ तेज़ साझीदारी की.
मिचेल ज़ॉनसन की गेंद पर धोनी का कैच टिम पैने ने लपका.
बाएं हाथ के बल्लेबाज़ सुरेश रैना ने धोनी का बख़ूबी साथ दिया. रैना ने 50 गेंदों पर 62 रन बनाए. इसमें उनके छह चौक्के शामिल हैं.
बारत का सातवाँ विकेट प्रवीण कुमार के रूप में गिरा. उन्होंने एक गेंदे का सामना किया और एक रन बनाए. हरभजन सिंह एक रन बनाकर नाबाद रहे.
इस तरह भारत ने 50 ओवर में 354 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया के सामने जीन के लिए 355 रन का लक्ष्य रखा है.
ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिचेल जॉनसन सबसे सफल गेंदबाज़ रहे. उन्होंने 10 ओवर में 75 रन देकर तीन विकेट लिए.
बेन हिलफेनहॉस ने 10 ओवर में 85 रन देकर एक विकेट लिया और मिचेल जॉनसन ने 10 ओवर में 55 रन देकर एक विकेट लिया.
पाँच ओवर की गेंदवाज़ी करते हुए एड्म वोग्स ने 33 रन दिए वहीं सेन वॉटसन ने पाँच ओवर गेंदवाज़ी करते हुए 47 रन दिए. दोनों को कोई सफलता नहीं मिली.
वडोदरा में हुए पहले मैंच में एक रोमांचक संघर्ष के बाद ऑस्ट्रेलिया ने भारत को चार रन से हरा दिया था.
चोटिल होने के कारण पहला एकदिवसीय मैच नहीं खेल पाए युवराज सिंह को टींम में शामिल किया गया है. वे विराट कोहली की जगह टीम में शामिल किए गए हैं.














