विश्व एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) के एक 'विवादित प्रावधान' को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और खेल मंत्री एमएस गिल आमने-सामने आ गए हैं.

एमएस गिल वाडा नियमों के समर्थन में उतरे
रविवार को एक आपात बैठक में बीसीसीआई ने भारतीय खिलाड़ियों से सहमति जताते हुए वाडा के नए प्रवाधान को मानने से इनकार कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि मैच के अलावा अन्य समय में डोप टेस्ट के लिए खिलाड़ियों को यह बताना पड़ेगा कि वे कहाँ हैं.
बीसीसीआई ने इसे खिलाड़ियों के निजी जीवन में दखल बताया था. लेकिन खेल मंत्री एमएस गिल का कहना है कि ये बात सही नहीं है.
नई दिल्ली में राज्य के खेल मंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए एमएस गिल ने कहा, "हमने वाडा के जाँच नियमों को स्वीकार किया है और इसका पालन भी करते हैं. खिलाड़ियों को इस मामले में स्पष्ट होना चाहिए कि यह किसी के जीवन में झाँकने जैसी बात नहीं है."
असहमत
खेल मंत्री ने इस पर आश्चर्य व्यक्त किया कि क्रिकेटर इससे असहमत हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया के कई शीर्ष खिलाड़ी और खेल फ़ेडरेशन वाडा नियमों का पालन करते हैं.
हमने वाडा के जाँच नियमों को स्वीकार किया है और इसका पालन भी करते हैं. खिलाड़ियों को इस मामले में स्पष्ट होना चाहिए कि यह किसी के जीवन में झाँकने जैसी बात नहीं है
एमएस गिल
रविवार को आपात बैठक के बाद बीसीसीआई के अध्यक्ष शशांक मनोहर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि बोर्ड को वाडा के नियमों से आपत्ति नहीं बल्कि उसके एक प्रावधान पर ऐतराज़ है.
उन्होंने कहा कि ये बताना कि खिलाड़ी कहाँ हैं, न सिर्फ़ उनके निजी जीवन में दखल है, बल्कि इससे उनकी सुरक्षा को भी ख़तरा हो सकता है.
बीसीसीआई ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से अपील की है कि वह इस मामले में कोई नया नियम लेकर आए.
लेकिन खेल मंत्री एमएस गिल का कहना है कि वाडा बहुत अच्छा काम कर रहा है और डोप से मुक्त दुनिया के लिए सबको इसका समर्थन करना चाहिए.













