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शनिवार, 12 अप्रैल, 2003 को 12:28 GMT तक के समाचार 'नेताओं को निकाल बाहर करो'
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 1992 के वर्ल्ड कप का ये क़िस्सा शायद सभी को याद है
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तीसरी बार पाकिस्तानी टीम के कोच का पद सँभालने वाले जावेद मियाँ दाद ने पाकिस्तान से क्रिकेट न खेलने की भारत सरकार की नीति की कड़ी आलोचना की है.
उन्होंने कहा है, "ये नीति जनता विराधी है और लोगों की इच्छा की अनदेखी करती है."
उनका आरोप था, "भारत के राजनेता लोगों की भलाई के लिए काम करने का दावा करते हैं लेकिन सच ये है कि ये नेता सिर्फ़ अपने फ़ायदे के लिए काम करते हैं."
भारत के उन राजनेताओं को निकाल बाहर फेंकना चाहिए जिनकी वजह से भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच नहीं हो पा रहे हैं | | जावेद मियाँ दाद | मियाँ दाद शारजाह में अपनी टीम की जीत के बाद भारतीय पत्रकारों से बात कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि भारत सरकार की इस जनता विरोधी नीति के ख़िलाफ़ अब लोगों को आवाज़ उठानी चाहिए.
उन्होंने कहा, "ऐसे नेताओं को निकाल बाहर फेंकना चाहिए जो भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट रिश्ते दोबारा नहीं जुड़ने दे रहे हैं."
"भारत में जनमत संग्रह करा कर लोगों से पूछा जाना चाहिए कि भारत को पाकिस्तान से क्रिकेट खेलना चाहिए या नहीं. तब पता चलेगा कि कितनी बड़ी तादाद में लोग इसके पक्ष में हैं."
तीन साल से क्रिकेट नहीं
भारत पिछले तीन साल से पाकिस्तान से क्रिकेट नहीं खेल रहा है क्योंकि उसका आरोप है कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर राज्य में चरमपंथियों की मदद करता है.
लेकिन पाकिस्तान इन आरोपों का लगातार खंडन करता आया है और कहता है कि वह कश्मीरी चरमपंथियों को केवल नैतिक और कूटनीतिक समर्थन देता है.
लेकिन दोनों के बीच हाल के वर्ल्ड कप में दिलचस्प मुक़ाबला हुआ था जिसमें भारत ने पाकिस्तान को बड़े अंतर से हराया था.
मियाँ दाद ने कहा कि क्रिकेट रिश्ते तोड़ना एक ग़लती थी क्योंकि ये खेल में तो तनाव घटाने में मदद कर सकता है.
 जावेद मियाँ दाद तीसरी बार पाकिस्तान के कोच बने हैं | उन्होंने पुरानी यादें ताज़ा करते हुए कहा, "जब 1998 में हम भारत गए थे वहाँ हमें ज़बर्दस्त समर्थन मिला था. चेन्नई टेस्ट में तो लोगों ने खड़े हो कर हमारा अभिनंदन किया था."
"हम जहाँ भी गए, हमारा भरपूर स्वागत हुआ. मैं तो यहाँ तक कहूँगा कि वो दौरा मेरे पूरे क्रिकेट करियर के सबसे बढ़िया दौरों में से था.
इससे साबित होता है कि लोग दोनों देशों के बीच क्रिकेट देखना चाहते हैं."
हार का डर ?
मियाँ दाद ने माना कि पाकिस्तान में काफ़ी लोग समझते हैं कि भारत हारने के डर से पाकिस्तान से नहीं खेलना चाहता.
उन्होंने कहा, "हाँ, बहुत से लोग यही समझते हैं क्योंकि उन्हें और कोई कारण नज़र नहीं आता जिसके लिए भारत पाकिस्तान से न खेले."
"हम एक बार खेलना शुरू करेंगे और कुछ मैच हारेंगे, कुछ जीतेंगे तो इस तरह की बातें अपनेआप ख़त्म हो जाएँगी."
मियाँ दाद ने कहा कि ये कहना ग़लत है कि भारत के बहिष्कार से पाकिस्तान क्रिकेट पर बहुत बुरा असर पड़ा है.
उन्होंने कहा, "भारत के न खेलने से हमें घाटा ज़रूर हुआ है लेकिन हमारी क्रिकेट पर कोई असर नहीं पड़ा है. हम अपनी प्रगति के लिए भारत पर निर्भर नहीं है."
मियाँ दाद ने ये भी कहा कि आपस में मैच खेलना दोनों देशों के लिए फ़ायदेमंद होगा क्योंकि दोनों देश एक जैसी क्रिकेट खेलते हैं. भारत के पास बढ़िया बल्लेबाज़ हैं तो हमारे पास अच्छए गेंदबाज़ और दोनों एक दूसरे से काफ़ी कुछ सीख सकते हैं. |
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