तस्वीरों में-  पानी के लिए मारामारी
पानी के लिए मारामारी
 
इंडिया रिसोर्स सेंटर नामक गैर सरकारी संगठन के अमित श्रीवास्तव यहाँ गाँव वालों की समस्या सुनते है और उनकी आवाज़ पश्चिमी देशों जैसे, अमरीका और कनाडा में पहुँचाते हैं. उनका तर्क है की ये बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ तभी सुनती हैं जब जहाँ से वो आती हैं वहाँ उनके खिलाफ़ आवाज़ उठे और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पडे.


 
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