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![]() कंधमाल में क़हर उड़ीसा में इस साल व्यापक हिंसक घटनाएँ हुईं जिनमें ईसाई समुदाय पर अनेक हमले हुए. इनमें लगभग 33 लोग मारे गए और एक नन के साथ बलात्कार की घटना भी सामने आई.
विहिप के नेता स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या के बाद भड़की हिंसा में ईसाइयों को निशाना बनाया गया था और कई चर्चों में आग लगा दी गई. विहिप के नेता स्वामी लक्ष्मणानंद की हत्या अज्ञात बंदूकधारियों ने कर दी थी. उड़ीसा के कंधमाल ज़िला इससे सबसे अधिक प्रभावित हुआ है और ज़िले के कई स्थानों पर कर्फ़्यू लगाना पड़ा. कंधमाल ज़िले में उपद्रवियों के कुछ घरों में आग लगा दी थी जिससे कई लोगों जिंदा जलकर मर गए. ईसाइयों को सर्वोच्च धर्मगुरु पोप बेनेडिक्ट ने भी उड़ीसा की हिंसा की भर्त्सना की थी. पर उड़ीसा में ये हिंसा पहली बार नही हुई है. वर्ष 1999 में ईसाई मिशनरी ग्राहम स्टेंस और उनके दो बेटों की भी हत्या कर दी गई थी. जानकारों का मानना है कि उड़ीसा की हिंसा धर्मांतरण पर प्रतिस्पर्धा का नतीजा है. |
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