भारतः2007
भारतः2007
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
भारतः 2007
भारतः 2007
भारत, दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा देश, सामाजिक-राजनीतिक रूप से कई आंदोलनों, नीतियों और व्यवस्थाओं की प्रयोगशाला, जहाँ हर वर्ष कुछ विशेष घटता है और जिसका प्रभाव देश ही नहीं, दक्षिण एशिया और दुनिया के मानस पर भी पड़ता है.

वर्ष 2007 भारत में जिन बातों के लिए ख़ास तौर पर याद किया जाएगा, उनमें अमरीका से परमाणु क़रार, नंदीग्राम और एसईज़ेड, चरमपंथी हमले, रामसेतु, नक्सलवाद की चुनौती, गुर्जर आंदोलन, राज्यों और राष्ट्रपति पद का चुनाव प्रमुख होंगे.

साथ ही होगी चर्चा देश की राजनीति में उभरकर आए नए चेहरों और अलविदा कह गए मार्गदर्शकों की. यहाँ भारतीय राजनीति के युवा तुर्क कहे जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की मृत्यु का ज़िक्र ख़ासतौर पर किया जा रहा है.

भारत ने इस वर्ष 1857 के विद्रोह की 150वीं वर्षगांठ को याद किया. भारत की आज़ादी के लिए संघर्ष करनेवाली क्रांतिकारी धारा के महानायकों में से एक, भगत सिंह की जन्मशताब्दी मनाई और आज़ादी के 60 बरस बाद पीछे पलटकर देखा विकास की चमकती तस्वीर को, विभाजन के अब तक रिसते घावों को.

किसानों की आत्महत्या, सूखे और बाढ़ का सवाल, नोबल पुरस्कार तक भारत की प्रतिभाएं, सांसदों- जनप्रतिनिधियों की नैतिकता और मीडिया के कामकाज के तरीके पर उठते सवाल, न्यायपालिका के दायरे, बढ़ते तापमान का संकट, सामाजिक असमानता का दंश और मानवाधिकारों के लड़ाई... ऐसी कितनी ही आवाज़ें हैं इस बीते-बदले साल की.

आइए, करते हैं एक पड़ताल कुछ अहम घटनाओं, सवालों और मुद्दों की, पाणिनी आनंद के साथ...
 
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