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![]() एशियाई प्रदर्शन
वर्ष 2008 में खेल की दुनिया में एशिया देशों ने ध्यान खींचना जारी रखा. सबसे पहले तो वर्ष 2008 बीजिंग ओलंपिक के लिए जाना जाएगा. बीजिंग ओलंपिक की सफलता एक कहानी है और चीन ने एक सफल आयोजन करके बाक़ी देशों पर भव्य आयोजन का दबाव भी बढ़ा दिया है.
इसके अलावा सिंगापुर में पहली बार फ़ॉर्मूला वन नाइट रेस का आयोजन हुआ. लेकिन चर्चा सबसे ज़्यादा बीजिंग ओलंपिक की ही रही. आठ से 24 अगस्त तक ओलंपिक खेल ही छाए रहे. आयोजन के साथ-साथ खेल में भी चीन ने अपना दबदबा साबित किया और सबसे ज़्यादा स्वर्ण पदक जीते. बीजिंग ओलंपिक में सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियाँ बटोरी अमरीकी तैराक माइकल फेल्प्स और जमैका के एथलीट उसैन बोल्ट. माइकल फेल्प्स ने रिकॉर्ड आठ स्वर्ण पदक जीते. जबकि उसैन बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और 4 गुणा 400 मीटर रिले दौड़ में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीता. सिंगापुर में फ़ॉर्मूला वन नाइट रेस के आयोजन की भी ख़ूब सराहना हुई. इस रेस को जीता स्पेन के फ़र्नांडो अलोंज़ो ने. गोल्फ़ के आयोजन में भी एशिया ने अपना दम दिखाया, तो टेनिस में चाइना ओपन की लोकप्रियता भी बढ़ती जा रही है. डब्लूटीए ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 13 प्रतियोगिताएँ आयोजित कराईं तो इसी क्षेत्र में एटीपी टेनिस की 10 प्रतियोगिताएँ हुई.
लेकिन क्रिकेट में एशिया को उस समय झटका लगा जब सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान में होने वाली चैम्पियंस ट्रॉफ़ी क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन स्थगित कर दिया गया. मुंबई हमलों के कारण इंग्लैंड की टीम भी एक दिवसीय सिरीज़ पूरी किए बिना लौट गई. हालाँकि टेस्ट सिरीज़ के लिए टीम लौटी. लेकिन लोकप्रिय टी-20 चैम्पियंस लीग का आयोजन भी स्थगित करना पड़ा. इसी साल भारत के सचिन तेंदुलकर दुनिया के सबसे ज़्यादा टेस्ट रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए. इनके अलावा गोल्फ़र केजे चोई और जीव मिल्खा सिंह ने सुर्ख़ियाँ बटोरी तो कोरिया के पार्क जी सुंग ने मैनेचेस्टर यूनाइटेड की ओर से खेलते हुए सम्मान हासिल किया. जबकि जापान के शुंसुके नकामुरा ने भी सेल्टिक की ओर से अच्छा प्रदर्शन किया. चीन ने बैडमिंटन में भी अपना दबदबा दिखाया. |
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