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![]() भारतीय क्रिकेट
अगर ये कहें कि वर्ष 2008 के दौरान भारत क्रिकेट का सुपर पॉवर बनकर उभरा तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. विश्व चैम्पियन और रैंकिंग में टॉप ऑस्ट्रेलिया के वर्चस्व को भारत ने अच्छी चुनौती दी. ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में सीबी सिरीज़ में मात दी, तो अपनी धरती पर टेस्ट सिरीज़ में उसे 2-0 से पीट दिया. इसी साल भारत में शुरू हुआ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल). इस प्रतियोगिता के माध्यम से भारत ने दुनिया को क्रिकेट की आर्थिक महाशक्ति का रुतबा भी दिखाया. दुनियाभर के शीर्ष खिलाड़ियों ने इसमें हिस्सा लिया और भारतीय क्रिकेट बोर्ड की मानें तो प्रतियोगिता पूरी तरह हिट रही.
भारतीय क्रिकेट में अमूल्य योगदान देने वाले खिलाड़ी सौरभ गांगुली और अनिल कुंबले ने इस साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा, तो सचिन तेंदुलकर का बल्ला चलता रहा. टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड भी अब सचिन तेंदुलकर के नाम है. सचिन ने इस कैलेंडर वर्ष में एक बार फिर 1000 से ज़्यादा टेस्ट रन बना डाले. भारतीय क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी का क़द भी इस साल ख़ूब बढ़ा. पहले ट्वेन्टी-20, फिर वनडे और अब टेस्ट टीम की भी कप्तानी संभालकर धोनी ने साबित कर दिया कि वे लंबे रेस का घोड़ा हैं. उनके नेतृत्व में भारत ने सफलता की नई कहानी लिखी. उनकी कप्तानी में भारत ने पाँच में से चार टेस्ट मैचों में जीत हासिल की और एक मैच ड्रॉ रहा. वनडे प्रतियोगिताओं में भारत ने धोनी की कप्तानी में सीबी सिरीज़ जीती. टीम एशिया कप में ज़रूर हार गई लेकिन श्रीलंका को श्रीलंका में वनडे सिरीज़ में मात दी. इंडियम प्रीमियर लीग पर बीबीसी हिंदी विशेष दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ 1-1 से ड्रॉ रहा, तो ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से मात देने में भारतीय टीम सफल रही. साल के आख़िर में भारत ने पहले वनडे सिरीज़ में इंग्लैंड को मात दी तो टेस्ट सिरीज़ में भी 1-0 से सफल रही टीम. इस शानदार साल में भारत टेस्ट रैंकिंग में दूसरे नंबर पर पहुँच गया है.
लेकिन ऐसा नहीं है कि सब कुछ अच्छा ही रहा. साल के शुरू में सिडनी टेस्ट में हरभजन सिंह को लेकर जो विवाद हुआ, उससे भारत का दौरा ही संकट में पड़ गया. हरभजन सिंह पर आरोप लगा कि उन्होंने एंड्रयू साइमंड्स के ख़िलाफ़ नस्लभेदी टिप्पणी की है. भज्जी पर तीन टेस्ट मैचों की पाबंदी लगी लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने इसके ख़िलाफ़ अपील की. इस बीच मामला इतना गरम हुआ कि भारतीय बोर्ड ने दौरा छोड़कर आने की धमकी दे डाली. लेकिन अपील में हरभजन सिंह को राहत मिली और उन पर जुर्माना लगा. सिडनी टेस्ट में भज्जी-साइमंड्स विवाद के अलावा ख़राब अंपायरिंग को लेकर भी टकराव की नौबत आई. इस विवाद में फँसे अंपायर स्टीव बकनर. भारत का कहना था कि बकनर की ख़राब अंपायरिंग के कारण भारत को सिडनी टेस्ट में हार का मुँह देखना पड़ा.आईसीसी ने बकनर को बाक़ी मैचों के हटाने का फ़ैसला किया. भारत टेस्ट मैच की सिरीज़ 2-1 से हार गया लेकिन श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के साथ त्रिकोणीय सीबी सिरीज़ में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया और ख़िताबी जीत हासिल की.
ज़ी ग्रुप के इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) की तर्ज पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) शुरू की.दुनियाभर के स्टार खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में शामिल हुए. सचिन तेंदुलकर हों या रिकी पोंटिंग, शोएब मलिक हों या महेला जयवर्धने. महेंद्र सिंह धोनी हों या भज्जी विवाद से सुर्ख़ियाँ बटोरने वाला एंड्रयू साइमंड्स. क़रीब डेढ़ महीने क्रिकेट की दुनिया जैसे भारत में सिमट गई. चकाचौंध से भरपूर इस प्रतियोगिता का फ़ाइनल जीता शेन वॉर्न की अगुआई वाले राजस्थान रॉयल्स ने. लेकिन आईपीएल में सबसे ज़्यादा छह करोड़ रुपए की बोली चली धोनी पर. मुंबई हमलों के कारण फ़ुटबॉल की चैम्पियंस लीग की तरह ट्वेन्टी 20 चैम्पियंस लीग का आयोजन स्थगित करना पड़ा. इस साल सचिन तेंदुलकर ने अपने बल्ले से एक बार फिर आलोचकों को जवाब दिया. इस साल सचिन ने टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन के ब्रायन लारा के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. सचिन के नाम पहले से ही सर्वाधिक टेस्ट शतक, सर्वाधिक वनडे रन, सर्वाधिक वनडे शतक का रिकॉर्ड है. सचिन ने 12000 टेस्ट रन भी पूरे किए. साथ ही साल के आख़िर में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ चेन्नई में यादगार पारी खेली. भारत 387 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए जीता. सचिन ने शतक लगाया. यह उनके टेस्ट जीवन का 41वाँ शतक था. सचिन ने यह शतक मुंबई हमलों में मारे गए लोगों के परिवारवालों को समर्पित किया. वनडे सचिन कम ही खेले लेकिन अच्छा खेले. ख़ासकर सीबी सिरीज़ के दोनों फ़ाइनल में सचिन की पारी बेमिसाल रही और उन्होंने भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई.
अगर खिलाड़ियों की बात करें तो गौतम गंभीर के लिए यह साल बहुत अच्छा रहा. गौतम गंभीर ने भी इस कैलेंडर वर्ष में एक हज़ार से ज़्यादा रन बनाए और आईसीसी रैंकिंग में टॉप टेन खिलाड़ियों में शामिल हो गए. ईशांत शर्मा, वीरेंदर सहवाग और ज़हीर ख़ान के लिए भी यह साल ज़बरदस्त रहा. धोनी ने भी बल्ले का जौहर दिखाया. लेकिन भारत के दो धुरंधर खिलाड़ियों सौरभ गांगुली और अनिल कुंबले ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ शुरू होने से पहले ही गांगुली ने घोषणा कर दी थी कि ये सिरीज़ उनका आख़िरी सिरीज़ होगा. जबकि दिल्ली टेस्ट के बाद अनिल कुंबले ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा. इस साल मार्च में भारत के युवा खिलाड़ियों ने अंडर-19 विश्व क्रिकेट कप अपने नाम कर लिया. भारत ने दूसरी बार ये ख़िताब जीता है. मलेशिया में हुए फ़ाइनल में भारत ने दक्षिण अफ़्रीका को 12 रनों से मात दी. |
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