खेल जगत: 2008
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
नेहवाल का कमाल
 
 
 
 
 
 
 
 
नेहवाल का कमाल
साइना नेहवाल का कमाल

बैडमिंटन की दुनिया में भारत की सानिया नेहवाल ने अपना दमख़म दिखाया है. इस समय वे रैंकिंग में 10वें नंबर पर हैं.

वे ओलंपिक सिंगल्स के क्वार्टर फ़ाइनल तक पहुँचने वाली भारत की पहली बैडमिंटन महिला खिलाड़ी हैं. साथ ही विश्व जूनियर बैडमिंटन चैम्पियनशिप जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी हैं.

साइना नेहवाल के कोच हैं भारत के जाने-माने बैडमिंटन खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद. पहली बार साइना का नाम सुर्ख़ियों में वर्ष 2006 में आया था जब उन्होंने चार स्टार फ़िलीपिंस ओपन में ख़िताबी जीत हासिल की थी. वे यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी थी.

लेकिन इस साल विश्व जूनियर बैडमिंटन चैम्पियनशिप जीतकर उन्होंने भारत का नाम रौशन किया.



ओलंपिक के क्वार्टर फ़ाइनल तक पहुँचने वाली साइना ने इस साल सितंबर में चायनीज़ ताइपे प्रतियोगिता में भी ख़िताबी जीत हासिल की.

17 मार्च 1990 को जन्मी साइना ओलंपिक क्वार्टर फ़ाइनल तक पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं. वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन चैम्पियनशिप जीतने वाली वे पहली भारतीय हैं.

साइना को बैडमिंटन के कोर्ट पर उतारने में उनके पिता डॉक्टर हरवीर सिंह और माँ उषा नेहवाल की अहम भूमिका है. दोनों बैडमिंटन चैम्पियन रह चुके हैं.

पहली बार साइना का नाम सुर्ख़ियों में वर्ष 2006 में आया था जब उन्होंने चार स्टार फ़िलीपिंस ओपन में ख़िताबी जीत हासिल की थी. वे यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी थी.
 
^^ पन्ने पर ऊपर जाने के लिए क्लिक करें बीबीसी हिंदीपहले पन्ने पर चलें